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Durg दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत समोदा के सरपंच अरुण गौतम का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया गया है। यह फैसला अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी पंचायत, दुर्ग ने 5 मई 2026 को चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। आदेश के अनुसार, अरुण गौतम ने नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथ-पत्र में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी। इसे छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 31(क) का उल्लंघन माना गया। यह चुनाव याचिका भुनेश्वरी देशमुख (पत्नी सुखनंदन देशमुख) द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उम्मीदवार ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपने आपराधिक मामलों की सही जानकारी नहीं दी।
कोर्ट में पेश दस्तावेजों में थाना पुलगांव के तीन मामलों का उल्लेख किया गया, जिनमें अपराध क्रमांक 547/2019, 381/15 और आरसीसी/11256/2019 शामिल हैं। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराएं जैसे 147, 148, 149, 307, 323, 294 और 506 दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास की धारा 307 भी शामिल है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा आपत्ति खारिज करने के निर्णय को भी नियम विरुद्ध बताया और सरपंच पद को निरस्त करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग को निर्देश दिया गया है कि वे उप-चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजें। याचिकाकर्ता को जमा की गई 500 रुपये की प्रतिभूति राशि वापस करने का भी आदेश दिया गया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में अरुण गौतम को 869 वोट मिले थे, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी भुनेश्वरी देशमुख को 741 वोट प्राप्त हुए थे। इस फैसले के बाद ग्राम समोदा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और उप-चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल अरुण गौतम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनके कानूनी विकल्प खुले हुए हैं।
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