छत्तीसगढ़

जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या, 24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
11 Sept 2026 8:07 PM IST
जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या, 24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार
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Dantewada. दंतेवाड़ा। जिले के ग्राम समलूर में जादू-टोना करने के शक में 65 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गीदम थाना पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कथित तौर पर जादू-टोने के संदेह और इसी बात को लेकर चली आ रही नाराजगी के कारण वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का पट्टा भी बरामद किया गया है। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक 9 सितंबर को ग्राम समलूर के उईकापारा निवासी सुखराम सोढ़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही गीदम पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के दौरान मृतक के चेहरे, गाल, कान और माथे पर चोट के निशान दिखाई दिए। मामला संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही मौत की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हत्या का खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुखराम सोढ़ी की मौत कठोर और कुंद वस्तु से लगी चोटों के कारण होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानते हुए गीदम थाने में अपराध क्रमांक 76/2026 दर्ज किया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए गांव के लोगों और मृतक के परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान जानकारी सामने आई कि गांव में कुछ लोगों को सुखराम पर कथित रूप से जादू-टोना करने का शक था। पुलिस के अनुसार इसी संदेह को लेकर कुछ लोगों में सुखराम के प्रति नाराजगी थी।
पूछताछ में तीन आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने धनीराम भोगामी उर्फ मोटू (28), बिनेश सोढ़ी उर्फ बीनू (25) और मंगतू सोढ़ी (27) से पूछताछ की। तीनों आरोपी ग्राम समलूर के रहने वाले हैं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान तीनों की वारदात में भूमिका सामने आई। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का पट्टा बरामद किया। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जब्त कर जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 11 सितंबर को गिरफ्तार किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें दंतेवाड़ा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। दंतेवाड़ा पुलिस ने शुक्रवार को मीडिया के सामने मामले का खुलासा करते हुए हत्या के पीछे जादू-टोने के शक को प्रमुख कारण बताया है। पुलिस अब प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। यह घटना अंधविश्वास के कारण होने वाली हिंसा की गंभीरता को भी सामने लाती है। महज जादू-टोने के संदेह में किसी व्यक्ति को निशाना बनाना न केवल गंभीर अपराध है, बल्कि ऐसी घटनाएं सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती हैं।
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