छत्तीसगढ़

ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दो गिरफ्तार, 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड

Shantanu Roy
1 Sept 2026 9:02 PM IST
ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दो गिरफ्तार, 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित CGPSC और DMF फंड घोटाले से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने दोनों मामलों से जुड़े आरोपित उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों को रायपुर स्थित PMLA की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने ED को पूछताछ के लिए पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की है। दोनों से अब 5 सितंबर तक पूछताछ की जाएगी।
ED की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसी ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ में एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक ED की टीमों ने प्रदेश में कुल सात ठिकानों पर छापेमारी की। इन कार्रवाईयों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन PA रहे के.के. चंद्रवंशी, पूर्व OSD एवं अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया और पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के घर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
दोनों मामलों में अलग-अलग आरोपित गिरफ्तार
ED ने CGPSC मामले में उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया है। वहीं DMF फंड घोटाले से जुड़े मामले में सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। जांच एजेंसी ने आरोपितों से मामले से जुड़े तथ्यों और वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी। अदालत ने दोनों आरोपितों को पांच दिन की ED हिरासत में भेज दिया है। अब जांच एजेंसी दोनों से 5 सितंबर तक पूछताछ करेगी। इस दौरान ED कथित घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संबंधित लोगों की भूमिका और अन्य कड़ियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।
सात ठिकानों पर ED की छापेमारी
ED की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी ने मंगलवार को प्रदेश में सात अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। जिन ठिकानों पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री के PA रहे के.के. चंद्रवंशी, पूर्व OSD अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया और पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के आवास शामिल हैं। इन छापों के बाद जांच एजेंसी द्वारा दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसे लेकर फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
5 सितंबर तक होगी पूछताछ
दोनों आरोपितों की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड मिलने के बाद ED के पास पूछताछ के लिए 5 सितंबर तक का समय है। इस अवधि में जांच एजेंसी दोनों मामलों के बीच संभावित वित्तीय कड़ियों और आरोपितों से जुड़े लेन-देन की पड़ताल कर सकती है। CGPSC मामले और DMF फंड से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच पहले से चर्चा में रही है। मंगलवार की गिरफ्तारी और सात स्थानों पर छापेमारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आगे की कार्रवाई और जांच से जुड़े तथ्यों पर स्थिति ED की पूछताछ तथा आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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