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Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के थाना कोतवाली में जप्त माल के प्रबंधन को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से “ई-मालखाना” प्रणाली की शुरुआत की गई है। इस नई डिजिटल व्यवस्था का शुभारंभ एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले द्वारा किया गया। इस पहल को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार ई-मालखाना प्रणाली को थाना कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह गहरवार और मालखाना मुहर्रिर प्रेमसागर नेताम के संयुक्त प्रयासों से विकसित किया गया है। इस प्रणाली का उद्देश्य थाना में जप्त किए गए सामान का सुरक्षित संधारण, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और आवश्यकतानुसार त्वरित खोज एवं निगरानी सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को ई-मालखाना प्रणाली की विस्तृत कार्यप्रणाली का डेमो प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि अब जप्त सामग्री का डिजिटल पंजीयन किया जाएगा और प्रत्येक वस्तु को बारकोड आधारित पहचान दी जाएगी। साथ ही मालखाने में सामग्री को रैकवाइज वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित किया गया है। प्रणाली के तहत मालखाने को A1, A2, B1, B2 जैसी श्रेणियों में विभाजित कर सामान को वर्गीकृत किया गया है, ताकि किसी भी जप्त वस्तु की लोकेशन तुरंत पता लगाई जा सके। इस प्रक्रिया से रिकॉर्ड प्रबंधन और सामग्री की निगरानी पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी हो जाएगी।
इस अवसर पर डीसीपी सेंट्रल ज़ोन उमेश प्रसाद गुप्ता, डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर, एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रणाली का अवलोकन कर इसकी कार्यक्षमता की समीक्षा भी की। ई-मालखाना लागू करने से पहले थाना कोतवाली में रखे गए सभी जप्त माल का विस्तृत भौतिक सत्यापन कराया गया। इसके बाद सभी वस्तुओं को व्यवस्थित तरीके से रैक में रखा गया और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया। प्रत्येक सामग्री पर बारकोड लगाए गए हैं, जिससे उनकी एंट्री और ट्रैकिंग अब सॉफ्टवेयर आधारित हो गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रणाली से जप्त माल की आवक-जावक, रिकॉर्ड अपडेट, सामग्री की हैंडलिंग और ट्रैकिंग अधिक सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से हो सकेगी। इससे “चेन ऑफ कस्टडी” को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी, जो किसी भी आपराधिक मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अधिकारियों ने बताया कि ई-मालखाना प्रणाली लागू होने के बाद जप्त वस्तुओं को जमा करने और आवश्यकतानुसार निकालने की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी। साथ ही किसी भी सामग्री के गुम होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की इस पहल को क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस मॉडल को अन्य थानों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है। इस नई व्यवस्था से पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही यह पहल डिजिटल पुलिसिंग और स्मार्ट रिकॉर्ड प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
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