छत्तीसगढ़

रायपुर के थाना गंज में शुरू हुई E-मालखाना प्रणाली

Shantanu Roy
7 Aug 2026 8:15 PM IST
रायपुर के थाना गंज में शुरू हुई E-मालखाना प्रणाली
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Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सेंट्रल ज़ोन के थाना गंज में शुक्रवार को “ई-मालखाना” प्रणाली का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही थाना गंज, सेंट्रल ज़ोन का पांचवां थाना बन गया है, जहां जब्त माल के प्रबंधन के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य जब्त सामग्री के सुरक्षित संधारण, पारदर्शी रिकॉर्ड प्रबंधन और त्वरित ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।
ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले (आईपीएस) ने किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डिजिटल मालखाना प्रणाली की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और इसे पुलिस प्रशासन में तकनीकी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। रायपुर पुलिस के अनुसार, इससे पहले थाना कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा और देवेंद्र नगर में ई-मालखाना प्रणाली लागू की जा चुकी है। अब थाना गंज के जुड़ने के साथ ही सेंट्रल ज़ोन के पांच थानों में यह आधुनिक व्यवस्था प्रभावी हो गई है। खास बात यह है कि एसीपी कोतवाली डिवीजन के अंतर्गत आने वाले चारों थाने—कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा और गंज—अब पूरी तरह डिजिटल मालखाना प्रणाली से जुड़ चुके हैं।
डीसीपी सेंट्रल ज़ोन तारकेश्वर पटेल और एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में सेंट्रल ज़ोन के सभी थानों के मालखानों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल स्वरूप दिया जा रहा है। इस अभियान के तहत थाना गंज में रखी गई जब्त सामग्री का पहले भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद प्रत्येक वस्तु की सुरक्षित पैकेजिंग, स्पष्ट लेबलिंग और वैज्ञानिक तरीके से रैकवार वर्गीकरण किया गया, जिससे रिकॉर्ड का रखरखाव अधिक व्यवस्थित हो सके। ई-मालखाना प्रणाली के तहत प्रत्येक जब्त सामग्री के लिए यूनिक बारकोड तैयार किया गया है। यह बारकोड संबंधित जब्त सामग्री और उसके रिकॉर्ड पर लगाया गया है, जिससे किसी भी वस्तु की पहचान और उसकी निर्धारित लोकेशन तक कुछ ही समय में पहुंचा जा सके। इसके अलावा जब्त माल का ऑनलाइन पंजीयन, डिजिटल डेटा एंट्री तथा सुपुर्दनामा, पावती और अन्य संबंधित दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल प्रणाली से जब्त माल की एंट्री, सुरक्षित रखरखाव, निर्गमन और रिकॉर्ड की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी। इससे चेन ऑफ कस्टडी अधिक सुरक्षित होगी, रिकॉर्ड खोने या गड़बड़ी की संभावना कम होगी और न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए जा सकेंगे। साथ ही मालखाना प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता भी बढ़ेगी। कार्यक्रम के दौरान डीसीपी पीतांबर पटेल, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा, एसीपी ट्रैफिक कमलजीत पाटले सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने ई-मालखाना प्रणाली की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया और इसे पुलिस प्रशासन के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर थाना गंज के प्रभारी निरीक्षक दीपक पासवान और उनकी टीम द्वारा मालखाना को सुव्यवस्थित करने तथा ई-मालखाना प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए किए गए कार्यों की सराहना की गई। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए विभागीय प्रक्रिया के तहत उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार देने की घोषणा भी की। रायपुर पुलिस का मानना है कि सेंट्रल ज़ोन के पांच थानों में ई-मालखाना प्रणाली लागू होने से जब्त माल के प्रबंधन में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित व विश्वसनीय बनेंगे। भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार अन्य थानों तक भी किया जाएगा, ताकि पूरे पुलिस कमिश्नरेट में मालखाना प्रबंधन को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा सके।
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