छत्तीसगढ़
रायपुर पुलिस के दो थानों में ई-मालखाना शुरू, जब्त माल का होगा डिजिटल रिकॉर्ड
Shantanu Roy
10 Aug 2026 8:59 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर को आधुनिक, तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में उत्तर जोन के थाना पंडरी और थाना उरला में ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ किया गया। इस नई व्यवस्था का उद्घाटन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर अमित तुकाराम कांबले, IPS ने किया। ई-मालखाना लागू होने से दोनों थानों में अपराधों एवं अन्य प्रकरणों में जब्त किए जाने वाले माल-मशरूका का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, ई-मालखाना प्रणाली के माध्यम से जब्त संपत्ति के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। अब किसी मामले में जब्त किए गए सामान की प्रविष्टि से लेकर उसके सुरक्षित रख-रखाव, आवक-जावक, संबंधित प्रकरण से लिंकिंग तथा न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। इससे मालखाने में रखे सामान की स्थिति और उससे संबंधित रिकॉर्ड को जरूरत पड़ने पर आसानी से देखा जा सकेगा।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य जब्त माल की चेन ऑफ कस्टडी को मजबूत करना भी है। किसी अपराध की जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, हथियार, संपत्ति या अन्य सामग्री को सुरक्षित रखना और जरूरत के अनुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना पुलिस विवेचना का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से इन सभी प्रक्रियाओं पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पारंपरिक मालखाना व्यवस्था में रिकॉर्ड के रख-रखाव और जानकारी तलाशने में समय लग सकता है। ई-मालखाना प्रणाली के माध्यम से रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहने से किसी विशेष प्रकरण से जुड़े जब्त माल की जानकारी तेजी से हासिल की जा सकेगी। इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी और मालखाना प्रबंधन की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी।
ई-मालखाना में जब्त माल की प्रविष्टि के साथ उसके रखे जाने और बाहर निकाले जाने से संबंधित गतिविधियों का रिकॉर्ड भी दर्ज किया जाएगा। इससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि किसी प्रकरण से संबंधित माल वर्तमान में कहां रखा गया है और उसकी न्यायालयीन या अन्य आवश्यक प्रक्रिया की स्थिति क्या है। पुलिस के मुताबिक, यह व्यवस्था विवेचना को तकनीक आधारित बनाने के साथ-साथ विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने में भी सहायक होगी। उत्तर जोन में इस प्रणाली की शुरुआत पुलिस उपायुक्त उत्तर जोन दीपमाला कश्यप के नेतृत्व तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त उत्तर जोन आदित्य पांडे के पर्यवेक्षण में की गई है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग थानों में ई-मालखाना प्रणाली लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। थाना पंडरी और थाना उरला में इसकी शुरुआत इसी अभियान का हिस्सा है।
पुलिस विभाग का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से मालखाना प्रबंधन को वैज्ञानिक और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। साथ ही जब्त संपत्ति के रिकॉर्ड को लेकर जवाबदेही भी तय होगी। डिजिटल व्यवस्था से संबंधित अधिकारियों को किसी मामले की जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी और रिकॉर्ड की निगरानी भी प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। ई-मालखाना प्रणाली का लाभ केवल रिकॉर्ड रखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे न्यायालय में जब्त माल प्रस्तुत करने और प्रकरण के निस्तारण की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। किसी प्रकरण में जब्त सामग्री के संबंध में आवश्यक जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध होने से पुलिस और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर हो सकेगा।
इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त उत्तर जोन दीपमाला कश्यप, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त उत्तर जोन आदित्य पांडे, सहायक पुलिस आयुक्त पंडरी कृष्ण कुमार चंद्राकर, सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा, थाना प्रभारी पंडरी निरीक्षक परेश पांडे, थाना प्रभारी उरला निरीक्षक रोहित मालेकर सहित दोनों थानों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नरेट की इस पहल को रायपुर में पुलिसिंग को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में अन्य थानों में भी ई-मालखाना प्रणाली लागू किए जाने से जब्त संपत्ति के प्रबंधन में एकरूपता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है।
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