
x
छग
Durg. दुर्ग। जिले में अपराधों की रोकथाम, लंबित मामलों के शीघ्र समाधान और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष, भिलाई में क्राइम मीटिंग का आयोजन किया। इस बैठक में दुर्ग जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की उपस्थिति रही, जिनके साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई और ठोस निर्देश दिए गए। एसएसपी विजय अग्रवाल ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित अपराधों एवं चालानों का शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के कारण न्याय प्रक्रिया में देरी होती है, जिससे आमजन का विश्वास कमजोर होता है। इसलिए सभी थाना प्रभारियों को लंबित मामलों की सूची बनाकर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी रजिस्टरों के अद्यतन करने के निर्देश
एसएसपी ने यह भी निर्देशित किया कि थानों में सभी महत्वपूर्ण रजिस्टर, जैसे क्राइम रजिस्टर, निगरानी रजिस्टर, गुंडा बदमाश रजिस्टर आदि को नियमित रूप से अपडेट किया जाए। रजिस्टरों की अद्यतनता से न केवल अपराधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी, बल्कि किसी भी आपराधिक गतिविधि की पुनरावृत्ति को समय रहते रोका जा सकेगा। मीटिंग में एक महत्वपूर्ण विषय गुंडा तत्वों और निगरानी बदमाशों की सतत जांच भी रहा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि जो गुंडा बदमाश निष्क्रिय हो चुके हैं, उनकी फाइलों को बंद किया जाए, वहीं जो नए अपराध में लिप्त हो रहे हैं या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं, उनकी पहचान कर नई गुंडा फाइलें खोली जाएं। इस प्रक्रिया से पुलिस की निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावशाली बन सकेगी।
ऑपरेशन मुस्कान अभियान की शुरुआत 1 जून से
बैठक में ऑपरेशन मुस्कान के सफल संचालन को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। 1 जून से 30 जून 2025 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत गुमशुदा बालक-बालिकाओं की खोजबीन की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा कर अधिक से अधिक बच्चों को दस्तयाब करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाउंड ओवर की कार्यवाही को प्रभावशाली बनाने के निर्देश भी दिए। आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों को कानून के दायरे में लाकर, भविष्य में अपराध न करने का मुचलका भरवाने की कार्यवाही की जाएगी, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे। बैठक के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस विभाग को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा। अपराधों की समयबद्ध विवेचना, अपराधियों पर लगातार निगरानी, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनसहयोग से ही अपराध नियंत्रण संभव है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें और छोटी से छोटी सूचना को भी गंभीरता से लें।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेChhattisgarh news in hindiChhattisgarh newsChhattisgarh latest newsChhattisgarh news updateChhattisgarh Hindi news todayजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





