छत्तीसगढ़

दुर्ग पुलिस ने लंबित जांचों और न्यायालय स्थगित मामलों की समीक्षा

Shantanu Roy
15 Oct 2025 11:10 PM IST
दुर्ग पुलिस ने लंबित जांचों और न्यायालय स्थगित मामलों की समीक्षा
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Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने मंगलवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों की अहम बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित विभागीय जांचों की स्थिति और न्यायालय द्वारा स्थगित किए गए मामलों की समीक्षा करना था। बैठक की शुरुआत में एसएसपी अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि विभागीय जांचों में देरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रभाव डालती है और इससे जनता का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने उन अनुविभागीय प्रभारियों को कड़ी चेतावनी दी, जिनकी जांच निर्धारित समय सीमा में पूरी नहीं हो रही। एसएसपी ने निर्देश दिए कि सभी जांचें नियमों के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में न्यायालय में लंबित और स्थगित मामलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे न्यायालय से स्थगन आदेश हटवाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत सक्रिय पहल करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लंबित मामलों की जांच में कोई बाधा न आए और न्यायालय के आदेशों का पालन समय पर हो सके। एसएसपी ने कहा कि विभागीय जांच केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि ये समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जांच में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है, जिससे जनता का विश्वास पुलिस प्रशासन पर बना रहे।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला विरुद्ध अपराध अनुसंधान इकाई) श्रीमती पद्मश्री तंवर सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने लंबित जांचों और न्यायालय स्थगित मामलों की स्थिति पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। एसएसपी ने बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया कि सभी लंबित जांचों की साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और जांच प्रक्रिया की निगरानी नियमित रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि केवल आदेश देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अधिकारियों को सक्रिय रहकर मामलों को निष्पक्ष और समय पर निपटाना होगा।

बैठक में अधिकारियों को यह भी बताया गया कि लंबित मामलों में देरी का सामाजिक प्रभाव पड़ता है। अपराधियों को डर नहीं लगता और पीड़ितों का विश्वास कमजोर होता है। इसलिए सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्र में मामलों की प्राथमिकता तय करनी होगी और जांच प्रक्रिया में तेजी लानी होगी। एसएसपी ने अंत में अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया में सुधार और जवाबदेही की संस्कृति स्थापित करना पुलिस विभाग की जिम्मेदारी है। लंबित मामलों का निपटान न केवल कानून के प्रति सम्मान बढ़ाता है, बल्कि जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत करता है। बैठक के समापन पर सभी अधिकारियों ने एसएसपी के निर्देशों का पालन करने और लंबित मामलों को समय पर निपटाने का संकल्प लिया। दुर्ग पुलिस प्रशासन अब हर सप्ताह जांच की स्थिति की समीक्षा करेगा और किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करेगा।
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