छत्तीसगढ़
ड्रग्स सिंडिकेट केस: नव्या मलिक, विधि अग्रवाल की मदद से 850 से अधिक संदिग्धों की सूची तैयार
Shantanu Roy
8 Sept 2025 4:29 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी में पकड़े गए ड्रग्स सिंडिकेट का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने जांच के दौरान मुख्य आरोपियों नव्या मलिक, विधि अग्रवाल और रुपिंदर उर्फ पिंदर सिंह उर्फ पाब्लो से पूछताछ कर एक लंबी सूची तैयार की है। इस सूची में ड्रग्स पार्टियों में शामिल लगभग 850 से अधिक लोगों के नाम दर्ज हैं। इन लोगों में कई हाई-प्रोफाइल परिवारों, कारोबारी और रसूखदार लोगों के सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दौर में आरोपी वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए नए ग्राहकों को जोड़ते और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे। इसके बाद यह नेटवर्क केवल भरोसेमंद और परिचित ग्राहकों तक सीमित हो गया। आरोपियों ने एडवांस पेमेंट लेकर ड्रग्स डिलीवरी की और सप्लाई के लिए होटल, पब, बार और आफ्टर-पार्टियों का इस्तेमाल किया। इन पार्टियों में शामिल होने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना अनिवार्य था।
नव्या–विधि गुट में विवाद
तेलीबांधा थाना क्षेत्र के लवकुश वाटिका में शुक्रवार रात नव्या मलिक और विधि अग्रवाल के गुट के सदस्य आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फंसाने का आरोप लगाया। विवाद के दौरान एक बिल्डर मौजूद था, जिसने मामला शांत करवाया। हालांकि, किसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई। पुलिस को संदेह है कि कई प्रभावशाली लोग इस नेटवर्क को संरक्षण देते रहे हैं। अब जांच टीम सभी युवाओं और आयोजकों की सूची तैयार कर रही है। जो लोग इन पार्टियों में नियमित रूप से शामिल हुए, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध कारोबार में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
रायपुर पुलिस ने ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी नव्या मलिक, विधि अग्रवाल और रुपिंदर सिंह को हिरासत में लिया है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी अपने नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर ड्रग्स सप्लाई करते थे।
शहर के प्रभावित इलाके
इस ड्रग्स रैकेट में शामिल लोग रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे। प्रमुख प्रभावित इलाके हैं:
शंकर नगर
कालीबाड़ी
कबीर नगर
भनपुरी
आमानाका
कमल विहार
कोटा
नेहरू नगर
पेंशनबाड़ा
समता कॉलोनी
देवेंद्र नगर
राजेंद्र नगर
वीआईपी रोड
कटोरा तालाब
संतोषी नगर
देवेंद्र नगर
माना
एयरपोर्ट रोड
मंदिर हसौद
तेलीबांधा
इन इलाकों में कई बड़े कारोबारी और रसूखदार परिवारों के लोग ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं।
जांच और संयुक्त टीमों की तैयारी
ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच के साथ ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) और एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीमों को जांच में शामिल किया है। संयुक्त टीम दूसरे राज्यों में छापेमारी करने की तैयारी भी कर रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पार्टियों के जरिए सप्लाई केवल चुनिंदा और भरोसेमंद लोगों तक सीमित थी। शुरुआती दौर में वॉट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल नेटवर्क को बढ़ाने के लिए किया गया। धीरे-धीरे कारोबार को परिचित ग्राहकों तक सीमित कर दिया गया।
पुलिस अब 850 से अधिक संदिग्धों की पहचान कर रही है। इनमें न केवल पार्टी आयोजक और युवाओं के नाम शामिल हैं, बल्कि कई प्रभावशाली और रसूखदार परिवारों के लोग भी इस सूची में हैं। इन सभी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने बताया कि नव्या–विधि गुट के बीच का विवाद भी इसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। आरोपियों ने पार्टी आयोजनों और सप्लाई नेटवर्क के दौरान कई बार आपसी टकराव और मतभेद भी किए। इसके बावजूद पुलिस ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच तेज़ कर दी है।
सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नेटवर्क का विस्तार वॉट्सऐप ग्रुप और डिजिटल तकनीक के जरिए करते थे। नए ग्राहकों को जोड़ने और उनके व्यवहार की निगरानी करने के लिए ऑनलाइन फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था। नेटवर्क के भीतर भरोसेमंद और परिचित लोग ही पार्टियों में शामिल होने के लिए चुने जाते थे। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ स्थानीय स्तर का नहीं है, बल्कि इसमें शामिल लोग सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावशाली हैं। इसलिए जांच को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स सिंडिकेट में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपीगण की गिरफ्तारी और जांच के दौरान सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
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