
क्लब और फार्महाउस को मिली छूट के कारण ड्रग सप्लायरों और नशे की पार्टियों पर अंकुश नहीं
कार्रवाई के बाद आसानी से छूट जाते हैं नशे के कारोबारी और इवेंट आयोजक
अदालत का रूख लचिला, तत्काल जमानत देती है
रायपुर। होटलों, क्लबों और फार्म हाउसों में युवक युवतियां खुलेआम ड्रग्स पार्टी कर रहे हैं। टेबल पर सफेद पाउडर, प्लास्टिक कार्ड और रोल पेपर के जरिये वे नशा कर रहे हैं। इससे साफ है कि ड्रग्स पार्टी सिर्फ फार्म हाउस या क्लबों तक सीमित नहीं, बल्कि अब निजी होटलों में भी इसका नेटवर्क सक्रिय है। राजधानी के होटलों, फार्म हाउसों और क्लबों में खुले आम नशा पार्टी का आयोजन किया जाता है हजारों रुपये के हिसाब से टेबल बुकिंग की जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार के एक्साइज़ डिपार्टमेंट को करोड़ों रुपया एंटरटेनमेंट की टैक्स चोरी क्यों नहीं दिखती है, क्लब और फ़ार्म हाउस मालिक खुलेआम दादागिरी करके ये टेबल बुकिंग और खड़े होने का भी पैसा एंट्री फ़ीस के रूप ले रहे हैं। जिसमें शुद्ध रूप से छग सरकार को आबकारी टैक्स का नुकसान हो रहा है, इस चोरी को कौन रोकेगा। टैक्स चोरी गैर जमानतीय अपराध की श्रेणी में आता है. रायपुर पुलिस के संज्ञान में लाने हेतु जनता से रिश्ता अख़बार ने इस स्पेशल रिपोर्टिंग अपने संवाददाता भेजकर ङ्कढ्ढक्क रोड के अलावा नया रायपुर क्षेत्र में सभी फ़ार्म हाउस और क्लबों की पड़ताल कर चुकी है। जिसमें सच्चाई सामने आई कि एक्साइज़ चोरी करते क्लब और फ़ार्म हाउस प्रदेश के युवाओं को बिगाड़ते नशे के कारोबार में और नशीली पदार्थों की बिक्री में अवैध रूप से शामिल कर रहे हैं। शहर के सभी युवा क्लब पार्टी ख़ामोश कल्चर के लिए आकर्षित हो रहे हैं। इसका एकमात्र कारण है सूखा नशा दवाइयों का नशा जो खुलेआम क्लब और फ़ार्म हाउस के मालिक परोस रहे है। छत्तीसगढ़ रायपुर में पूरे देश के बड़े बड़े ब्रांडों के क्लब नया रायपुर ङ्कढ्ढक्क रोड में खुले हुए हैं। निर्धारित अवधि के उपरांत भी नशा परोसते ये ङ्कढ्ढक्क कल्चर वाले क्लब और फ़ार्महाउस रात के 2 बजे ढाई बजे के बीच वे भी खुला नंगा नाच कर रहे है। प्रशासन की ओर से क्लब और फ़ार्म हाउस को दिए समय सीमा का भी पालन नहीं किया जा रहा है। क्लब और फ़ार्म हाउस के मालिक इसकी परवाह बिलकुल नहीं करते बड़े बड़े नेताओं की नाड़ा पायजामा छाप नेता की ताक़त के बल पर खुलेआम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं। क्लब नाइट डान्स पार्टी फ़ार्म हाउस कल्चर रायपुर के युवाओं को बर्बाद कर्ता जीवन देने के लिए सभी प्रकार की तैयारी कर रखी है सूखा नशा टैबलेट का नशा दारू का नशा लडक़ी बाज़ी और क्रिकेट का सट्टा सभी चीज़ 1 ही जगह रात के 2 बजे तक उपलब्ध यही रायपुर के क्लब और फ़ार्म हाउस की कहानी है। बड़ी बड़ी रकम वसूलते क्लब और फ़ार्म हाउस एक्साइज़ चोरी खुलेआम कर रहे हैं। नक़ली दारू विदेशी दारु शराब के अवैध कंटेनर पर कंटेनर माल बेचते ये फ़ॉर्म हाउस और क्लब आबकारी विभाग अपनी कमाई से मस्त सरकार को चूना लगा रहे है। एंट्री फ़ीस पर फ़ॉर्म हाउस की एंट्री फ़ीस पर किसी भी प्रकार की आबकारी टैक्स नहीं देना है ग़ैर ज़मानती जुर्म है। शासन को बदनाम करते ये क्लब और आबकारी अधिकारी। राज्य शासन को राजस्व की करोड़ों की हानि भी भ्रष्ट अफसरों के कारण हो रही है, रातभर टेक्नो पार्टी के नाम से मशहूर नशे की पार्टी भी नया रायपुर स्थित स्टेडियम के पास क्लब में खुलेआम होता है। वहाँ पर दादागिरी करने वालों को छुटभैये नेताओं के संरक्षण में बाउंसरों द्वारा मारपीट और दादागिरी की जाती है।
गांव के युवक और सेल्फ ड्राइव गाडिय़ां बनी तस्करी का माध्यम
चौंकाने वाली बात यह है कि रायपुर में ड्रग्स की तस्करी सेल्फ ड्राइव गाडिय़ों के जरिये की जा रही है। चन्दन सोनकर नाम का तस्कर इस नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है, जो अलग-अलग गैंग्स के संपर्क में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ड्रग्स सप्लाई के लिए राजधानी की सडक़ों पर चलती कारों और गांव के युवकों का इस्तेमाल हो रहा है। सक्रिय गैंग्स और उनकी कार्यप्रणाली फिलहाल रायपुर में तीन बड़े गैंग सक्रिय हैं जो ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं: ्र्य गैंग बनिया गैंग स्क्र गैंग इनमें से हर गैंग ने अपने-अपने इलाके में लडक़ों को जोडक़र सप्लाई चेन बनाई है। ग्राहक की डिमांड के अनुसार ड्रग्स की डिलीवरी दी जाती है। गैंग अपने सदस्यों को ट्रेनिंग तक देते हैं कि कैसे पुलिस से बचना है और डिलीवरी कैसे करनी है। गांव के युवाओं का इस्तेमाल, आउटर की सडक़ों से सप्लाई ड्रग्स की तस्करी के लिए अब गांव के भोले-भाले युवकों को फंसाया जा रहा है। नवा रायपुर के आसपास के गांव सहित खिलोरा, अभनपुर, खुड़मुड़ा, दतरेंगा, काठाडीह, सेजबहार जैसे गांवों से जुड़े लडक़ों को इस गंदे धंधे में शामिल किया गया है। रायपुर की आउटर सडक़ों – जहां पुलिस की गश्त अपेक्षाकृत कम होती है उन रास्तों से ड्रग्स लाया और ले जाया जा रहा है।
शहरी थाना क्षेत्र भी अछूते नहीं
रायपुर के राजेन्द्र नगर, समता कॉलोनी, शिवनगर, भाठागांव, डीडी नगर, नेहरू नगर, कालीबाड़ी, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में यह कारोबार पनप रहा है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी इन गैंग्स से सांठगांठ कर मामलों को दबाते हैं। जेल से लेकर सडक़ तक फैला है नेटवर्क इन गैंग्स के कई सदस्य पहले भी जेल जा चुके हैं लेकिन जमानत पर बाहर आते ही फिर उसी धंधे में लग जाते हैं। शहर में ड्रग्स के कई केस सामने आने के बावजूद इनका नेटवर्क और मजबूत होता जा रहा है, जिससे युवाओं को भारी नुकसान हो रहा है। सवाल उठ रहे हैं... रायपुर पुलिस इन ड्रग्स गैंग पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही? वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब तक कितनों की गिरफ्तारी हुई? क्या सेल्फ ड्राइव कंपनियों पर भी निगरानी की जरूरत नहीं? आउटर रूट की पुलिसिंग इतनी ढीली क्यों है? प्रशासन को अब ठोस कदम उठाने होंगे युवाओं को बर्बादी की राह पर ले जा रहा यह ड्रग्स नेटवर्क अगर समय रहते नहीं रोका गया तो रायपुर जल्द ही नशे का बड़ा केंद्र बन सकता है।
1.29 करोड़ का गांजा जब्त, ओडिशा के दो तस्कर गिरफ्तार
जगदलपुर में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बस्तर जिले के जगदलपुर में 10 किलो से अधिक गांजा और हशीश तेल बरामद किया है। जिसकी अंतरराज्यीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 29 लाख 95 हजार रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने ओडिशा के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो नशीले पदार्थों से बने तेल को छत्तीसगढ़ से होते हुए हैदराबाद, मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में सप्लाई करने जा रहे थे। यह बस्तर पुलिस की इस वर्ष की अब तक की सबसे बड़ी मादक पदार्थ रोधी कार्रवाई मानी जा रही है। मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है।पुलिस के अनुसार, उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक एक बाइक के माध्यम से ओडिशा से अवैध नशीला तेल लेकर मलकानगिरी–दरभा–केशलूर मार्ग से होकर सरगीपाल की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही बोधघाट थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
29.5 किलो गांजा, 9 आरोपी गिरफ्तार
गरियाबंद में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे रेंज स्तरीय ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत गरियाबंद पुलिस ने सप्ताहभर के भीतर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 29.5 किलो अवैध गांजा, नगदी, वाहन और मोबाइल समेत कुल 19.91 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। इस मामले में विधि से संघर्षरत एक बालक सहित 9 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह सप्ताह में पुलिस की पांचवीं बड़ी कार्रवाई है। अब तक कुल 89 किलो अवैध गांजा बरामद किया जा चुका है और 17 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस ऑपरेशन को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेष मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। सभी थाना प्रभारियों को अवैध गांजा, हीरा और वन्यजीव तस्करी पर कड़ी निगरानी और ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।22 नवंबर को थाना फिंगेश्वर प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि सीजी 05 एपी 4675 नंबर की कार में उड़ीसा से भारी मात्रा में अवैध गांजा लाया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम, साइबर यूनिट और हमराह स्टाफ को फिंगेश्वर मेन रोड पर तैनात किया गया। कुछ ही देर बाद संदिग्ध वाहन को रोककर जांच की गई।





