छत्तीसगढ़

ड्रग तस्करी में रसूखदार और बड़े घरों के लोग

Admin2
11 Dec 2020 6:19 AM GMT
ड्रग तस्करी में रसूखदार और बड़े घरों के लोग
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छग में पुलिस की कार्रवाई से नशा कारोबारियों में हडकंप, छुटभैय्ये नेताओं में खलबली

शहर की अधिकांश पार्टी-होटल और लॉन नशे के कारोबार में लिप्त

नशा पार्टी के आयोजकों, कैफे-पब संचालकों को छुटभैय्ये नेताओं का संरक्षण

आरोपी ड्रग्स कपल के रिश्तेदार, नशे की पार्टियों के मुख्य आयोजक एवं कर्ता-धर्ता

नशे की पार्टियों से वीआईपी रोड की होटलें और क्लब में रातें रंगीन

क्रिसमस से लेकर नये साल तक नशीली पार्टियों का आयोजन

नशे की पार्टियों को रोकना पुलिस के लिए चुनौती का सबब

जसेरि रिपोर्टर

रायपुर । ड्रग तस्करों और अवैध धंधेबाजों की बदौलत अपनी राजनीति चलाने वाले छुटभैय्ये नेता अपने संरक्षण में नशे के कारोबार को बेखौफ जोर-शोर से चलाने में तस्करों और युवाओं-रईसजादों को नशे के सामान उपलब्ध कराने वाले होटल-क्लब और पब संचालकों की मदद कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि वीआईपी रोड में संचालित बड़े होटलों, क्लब और पब में नशे की पार्टियां फिर से आयोजित होने लगी हैं। हैरान करने वाली यह है कि क्वींस क्बल का मामला सामने आने और ड्रग तस्करी में ताबड़तोड़ गिरफ्तारी और कार्रवाई के बाद भी आखिर ऐसी पार्टियों का आयोजन कैसे हो पा रहा है। वीआईपी रोड पर स्थित किसी-न-किसी कैफे में ऐसी पार्टियों का बोर्ड रोज ही देखने को मिल रहा है। इन पार्टियों के लिए परमिशन कौन दे रहा है। आयोजकों को किसका संरक्षण मिल रहा है। खबर है कि आयोजकों कैफे-क्लब संचालकों को उसके संरक्षकों ने बाकायदा इस बात का भरोसा दिलाया है कि पार्टियों के दौरान पुलिस रेड नहीं करेगी। तो क्या पुलिस और प्रशासन ने इन्हें फिर से नशा परोसने की इजाजत दे दी है?

समाजसेवा-नेतागिरी के आड़ में अपराधियों को प्रश्रय : राजधानी में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को तथाकथित समाजसेवा करने वाले और छुटभैय्ये नेताओं का संरक्षण और प्रश्रय मिल रहा है। कई अवैध कारोबार करने वाले तो इन्हीं के परिवार और रिश्तेदारों में से हैं। बुधवार को राजधानी में एक समाजसेविका का बेटा ड्रग तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है, उसके साथ उसकी महिला सहयोगी भी पकड़ी गई है। इस मामले में पुलिस अब तक कई गिरफ्तारियां कर चुकी है। शहर में होने वाली पार्टियों में छुटभैय्ये नेताओं की मौजूदगी और आयोजकों को संरक्षण देना जग जाहिर है। कई पार्टियां बिना अनुमति के ही आयोजित होती हैं। आयोजकों को पुलिस और आबकारी विभाग का जरा भी खौफ नहीं है। छुटभैय्ये नेताओंं के संरक्षण में नशे का कारोबार अब भी बेखौफ चल रहा है। ये नेता अपनी राजनीति चमकाने और जल्द से जल्द करोड़पति बनने की चाह में नेतागिरी के साथ नशे के तस्करों को संरक्षण देकर भरपूर कमाई कर रहे हैं। ऐसे छुटभैय्ये नेताओं की दोनों हाथों में लड्डू है। तस्करों से औने-पौने दाम पर नशे का सामान खरीद कर नशेडिय़ों को मुंहमांगी दाम पर बेची जा रही है। छुटभैया नेताओं को कानून कायदे की कोई परवाह नहीं है। बेखौफ खुलेआम नशा परोस रहे है।

होटल-रेस्टारेंट खुले आम परोस रहे हैं नशा : नशे का कारोबारी महंगे होटल, रेस्टोरेंट और बार जैसी जगहों पर पार्टियों के नाम पर नशे का सामान परोस रहे है। रायपुर को नशे के कारोबारियों ने पूरी तरह से अपने शिकंजे में कस लिया है। पुलिस और नसे के कारोबारियों में पकड़ो-छोड़ों का खेल चल रहा है, पुलिस की लगातार कार्रवाई के नशे के सौदागरों में हडक़ंप मचा हुआ है। नशे के कारोबारियों के ठिकानों पर पुलिस ने मुखबिर लगा दिए है। राजधानी नशे के सौदागरों के लिए सेफ जोन बनती जा रही है। यहां नीचे तबके से लेकर हाई प्रोफाइल लोगों के लिए अलग-अलग किस्म की नशे की सामग्री उपलब्ध हैं। 10 रुपए में बिकने वाले गांजे से लेकर 5-10 हजार रुपए प्रति ग्राम तक की कोकीन भी डिमांड पर उपलब्ध है। नशे के सौदागरों द्वारा डिमांड के आधार पर इसे मुंबई से मंगाया जा रहा है। इस महंगे नशे के ग्राहक बड़ी-बड़ी गाडिय़ों में घूमने वाले रईस हैं, जिनमें युवक-युवतियों से लेकर महिलाएं भी शामिल हैं। रायपुर में नवयुवक नशे के इतने आदी हो गए है कि नहीं मिलने पर पागलपन सवार हो जाता है, जिसके कारण अपराध बढ़ रहे है। राजधानी की संड़ांध मारती गली-मोहल्लों में पुडिय़ाबाजों ने अड्डा बना रखा है, जहां से वह घरों में सप्लाई कर रहे है। खबरदारों का कहना है कि इसके पीछे

पार्टी का आयोजन, नेताओं की तस्वीरें से युवाओं को लुभा रहे : 23 दिसंबर से लेकर 25 दिसंबर तक रायपुर के बड़े-बड़े होटलों में नशे की पार्टियां चलने वाली है। बहरहाल पुलिस ने नशे के खिलाफ काफी अभियान चलाये है और नशे के काफी सौदागरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मगर वही दूसरी तरफ कुछ समाजसेवी कार्यकर्ता नशे की पार्टी का आयोजन करने के लिए नेताओं की तस्वीरों का सहारा भी लेते है। जिससे लोगों में ये भी भरोसा बन जाता है कि उन पार्टियों में नशे का का भरपूर इस्तेमाल होगा। वीआईपी रोड के होटलों और क्लबों में विकेंड और संडे पार्टी हमेशा सुर्खियों में रहा है। ड्रग पैडलरों और ड्रग सप्लायरों ने राजधानी को नशे की गर्त में ढकेल दिया है। तेलीबांधा क्षेत्र के आसपास और वीआईपी रोड के होटलों और ढाबों, कैफों और क्लबों में विकेंड और संडे की सुबह तक रंगीन मिजाज लोगों को पार्टी आबाद होती रही। ढाबों के बाहर खुलेआम दारू पिलाई जाती है। और कैफे में युवाओं को हुक्का परोसा जाता है। वीआईपी रोड के आसपास पुलिस की गश्त भी बाकायदा होती रही, रात भर चली नशे की पार्टी में शामिल होने वालों ने और आयोजकों ने महामारी अधिनियम की धज्जियां उड़ा कर रख दिया। जिधर देखों उधर सुट्टा का धुआं तो कहीं हुक्का का धुआं वीआईपी रोड को गमकाता रहा। राजधानी में पुलिस ने नशे के सौदागरों पर कमर तोड़ कार्रवाई की है, उसके बाद भी नशा युवाओं को और युवा नशे को नहीं छोड़ते। नशा और युवाओं का चोलीदामन का संबंध है दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते।

रायपुर के तेलीबांधा इलाके में पुलिस और कानून व्यवस्था की पूरी तरह से धज्जियां उड़ रही है। तेलीबांधा क्षेत्र और वीआईपी रोड स्थित नशे की पार्टियां हर रात चलती है। मगर विशेष रूप से नशे की पार्टियां शनिवार और रविवार को पूरे मौज-मस्ती के साथ देर रात से अल सुबह तक चलती है। वीआईपी रोड रईस लोगों के पार्टी करने का सबसे बड़ा अड्डा है। ऐसे लोग पार्टियों के साथ-साथ नशे का कारोबार भी करते है। और युवाओं को नशे के दलदल में धकेल रहे है। शनिवार और रविवार को पार्टी करने का समय वैसे तो रात 8 बजे का होता है मगर युवा और अमीर घराने के लोग इन पार्टियों में 9 बजे के बाद ही जाते है और ये पार्टी रात 2 बजे तक गुलजार होती है।

ड्रग तस्करों के साथ नशा की पार्टियों पर पुलिस की नजर है। राजधानी में कोई भी नशा की पार्टी नहीं होने दी जाएगी। चाहे इसके पीछे किसी भी नेता या समाजसेवको का हाथ हो, ऐसी पार्टियों पर रोक लगाने सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अजय यादव, एसएसपी, रायपुर


क्रिसमस से लेकर नव वर्ष तक पार्टियों की तैयारी - राजधानी में क्रिसमस से लेकर हैप्पी न्यू इयर तक नशे की पार्टियों का आयोजन होने वाले है। शहर के वीआईपी रोड स्थित सभी बड़े होटलों में 23 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर की रात तक नशे की पार्टियां चलने वाली है। इन पार्टियों में एंट्री पास बनाकर सोशल मीडिया में दिए जा रहे है। और इन पार्टियों के आयोजनों को करवाने वाले छुटभैय्या नेता और समाजसेवी कार्यकर्ता ही होते है। ऐसी पार्टियों में एंट्री के लिए भी जेब गरम रखने पड़ते है। ड्रग माफिया पार्टियों के आयोजन के लिए भी इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया का सहारा लेते है। पुलिस ने नशे के खिलाफ काफी अभियान चलाये है और नशे के काफी सौदागरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मगर अब दिसंबर के आखिरी सप्ताह में नशे की पार्टियों का खुमार युवाओं के सिर चढ़कर बोलेगा। ड्रग पैडलरों और ड्रग सप्लायरों ने राजधानी को नशे की गर्त में ढकेल दिया है। तेलीबांधा क्षेत्र के आसपास और वीआईपी रोड के होटलों और ढाबों, कैफों और क्लबों में विकेंड और संडे की सुबह तक रंगीन मिजाज लोगों को पार्टी आबाद होती रही। राजधानी में पुलिस ने नशे के सौदागरों पर कमर तोड़ कार्रवाई की है, मगर गिरफ्तार हुए ड्रग पेडलरों के सगे-संबंधी ही नशे की पार्टियों का आयोजन करते है। उसके बाद भी नशा युवाओं को और युवा नशे को नहीं छोड़ते। तेलीबांधा क्षेत्र और वीआईपी रोड स्थित नशे की पार्टियां हर रात तो चलती ही है। मगर विशेष रूप से दिसंबर महीने के आखिरी सप्ताह में नशे की पार्टियां जोर-शोर से चलने वाली है। इन पार्टियों में युवा पूरे मौज-मस्ती के साथ देर रात से अल सुबह तक नशे में मदहोश होने वाले है। वीआईपी रोड रईस लोगों के पार्टी करने का सबसे बड़ा अड्डा है। ऐसे लोग पार्टियों के साथ-साथ नशे का कारोबार भी करते है। और युवाओं को नशे के दलदल में धकेल रहे है। नये साल में पार्टी करने का समय वैसे तो रात 8 बजे का होता है मगर युवा और अमीर घराने के लोग इन पार्टियों में 9 बजे के बाद ही जाते है और ये पार्टी सुबह तक गुलजार होती है।

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