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Balodabazar-Bhatapara. बलौदाबाजार-भाटापारा। प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। भाटापारा ग्रामीण थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि डिजिटल डेटा एनालिसिस, लोकेशन ट्रैकिंग और संदिग्ध कॉल्स की निगरानी के जरिए पूरे नेटवर्क की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन और एसडीओपी भाटापारा के मार्गदर्शन में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की आवाजाही के संबंध में गोपनीय जानकारी मिली।
सूचना के बाद भाटापारा ग्रामीण पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम को सक्रिय किया गया। टीम ने तकनीकी जानकारी जुटाते हुए डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया। संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सैकड़ों कॉल्स को खंगालने के साथ लोकेशन से जुड़ी जानकारियों के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस को सूचना मिली कि तस्कर सफेद रंग की कार क्रमांक CG 07 AB 7007 में प्रतिबंधित दवाओं की खेप लेकर ग्राम दतरेगा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में पहुंचने वाले हैं। यहां स्थानीय स्तर पर नशीली दवाओं की डिलीवरी किए जाने की तैयारी होने की जानकारी थी।
इसके बाद संयुक्त टीम ने निर्माणाधीन मकान की योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, मौके से छह संदिग्धों को अभिरक्षा में लिया गया। उनसे पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर सिंडिकेट से जुड़े एक अन्य आरोपी को भी पकड़ लिया गया। इस तरह कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके पर ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में जब्त दवाओं की जांच कराई गई। पुलिस के अनुसार, जांच में प्रतिबंधित नशीले तत्व की पुष्टि होने के बाद आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
भाटापारा ग्रामीण थाने में अपराध क्रमांक 534/2026 दर्ज कर धारा 8(c), 21(c), 29 एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की धारा 111 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन खंगाल रही है। नशीली दवाएं कहां से लाई जा रही थीं, इनकी आपूर्ति कौन कर रहा था और स्थानीय स्तर पर इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने लाई जाएगी।
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