छत्तीसगढ़
ट्रेन से नशे की तस्करी, दो आरोपी कफ सिरप के साथ गिरफ्तार
Shantanu Roy
16 Sept 2025 9:45 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशे के सामान की तस्करी का नया तरीका सामने आया है। पुलिस ने दो युवकों को प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया है, जो मध्यप्रदेश के कटनी से ट्रेन द्वारा नशीली दवाओं की सप्लाई कर युवाओं को बेचते थे। ट्रेन को तस्करों ने सस्ता और सुलभ साधन बना लिया है, जिससे नशे का कारोबार फैल रहा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नेवरा निवासी धरमदास यादव (30) और सुनील साहू (38) के रूप में हुई है। दोनों आसपास के गांवों में नशे का सामान बेचते हैं और पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
टीआई तोप सिंह नवरंग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में मध्यप्रदेश के कटनी से नशे के सामान की सप्लाई की खबर मिल रही थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने मुखबिर तैनात किए। सोमवार को पुलिस को जानकारी मिली कि दो युवक कटनी से ट्रेन द्वारा नशीली दवा लेकर बिलासपुर आ रहे हैं और कलमीटार स्टेशन पर उतरेंगे। सूचना मिलते ही पुलिस ने कलमीटार स्टेशन के पास घेराबंदी की और अंडरब्रिज के पास तस्करों को पकड़ने की योजना बनाई। हालांकि, जैसे ही तस्करों ने पुलिस वाहन देखा, वे भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर दोनों युवकों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से कुल 39 शीशी कफ सिरप बरामद किया। यह कफ सिरप नशीली दवा के रूप में युवाओं में लोकप्रिय है और इसके दुरुपयोग से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कटनी से ट्रेन द्वारा नशे का सामान लाते हैं। ट्रेन उनके लिए सस्ता और आसानी से उपलब्ध साधन है। ट्रेन से आकर वे आसपास के गांवों के युवकों को यह कफ सिरप बेचते हैं। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी कटनी से लगातार सप्लाई करते थे और क्षेत्र में युवाओं को नशे की लत लगाकर अवैध व्यापार कर रहे थे। टीआई नवरंग ने कहा कि इस नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस सतर्क है और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने मौके से गिरफ्तार युवकों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि यह नेटवर्क और कितने लोगों तक फैला हुआ है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रेन से नशे का सामान लाकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेचा जा रहा है, जिससे युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है। इससे न केवल उनकी सेहत खराब हो रही है बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कटनी से ट्रेन द्वारा सप्लाई किए जाने का तरीका तस्करों के लिए बेहद सुविधाजनक है। कम खर्च में अधिक मात्रा में नशीला पदार्थ लाना और उसे दूरस्थ क्षेत्रों में बेचना उनकी रणनीति का हिस्सा है। पुलिस अब रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य मार्गों पर निगरानी बढ़ा रही है ताकि नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त किया जा सके।
जिले में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन जागरूकता अभियान भी चलाने की योजना बना रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण इलाकों में नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही परिवारों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जाएगी कि वे बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस यह भी जानकारी जुटा रही है कि उनके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। अन्य सप्लायरों की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
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