छत्तीसगढ़

धरमजयगढ़ में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ

Shantanu Roy
12 Jun 2026 12:36 AM IST
धरमजयगढ़ में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ
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छग
Raigarh. रायगढ़। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे ने आज धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, स्वास्थ्य, आजीविका, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों का स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्राम नवागांव में मनरेगा अंतर्गत “मोर गांव-मोर पानी महाअभियान” एवं “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विकसित मॉडल नवा तरिया का निरीक्षण करते हुए सीईओ श्री पठारे ने इसकी उपयोगिता, रोजगार सृजन तथा मजदूरों के भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और सिंचाई सुविधा बढ़ाने के साथ ग्रामीणों की आय में वृद्धि और स्थानीय रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जिला पंचायत सीईओ ने नवागांव में ही मनरेगा के तहत किए गए वृक्षारोपण कार्यों का अवलोकन करते हुए पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पुरुंगा में निर्माणाधीन कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र के प्रारंभ होने से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय, डिजिटल और वित्तीय सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी और समय व संसाधनों की बचत होगी।
जिला पंचायत सीईओ ने पुरुंगा स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था, टीकाकरण कार्यक्रम तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, ओपीडी रजिस्टर, टीकाकरण अभिलेख एवं अन्य रिकॉर्ड की जांच कर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। ग्राम आमापाली में निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का अवलोकन किया। संबंधित एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम शाहपुर में आजीविका डबरी के तहत संचालित मछली पालन एवं बत्तख पालन गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए समूहों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए विविध आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जिला पंचायत सीईओ ने लक्ष्मीपुर स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का निरीक्षण करते हुए इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में सेफ्टी टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से उपचार कर जैविक खाद और सिंचाई योग्य जल तैयार किया जाता है। यह व्यवस्था स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है। प्रज्ञा स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का अवलोकन करते हुए सीईओ ने समूह की कार्यप्रणाली की सराहना की। यहां विभिन्न ग्राम पंचायतों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण एवं प्रसंस्करण कर पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाता है। प्रसंस्कृत प्लास्टिक का उपयोग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य विकास कार्यों में किया जा रहा है। दौरे के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप संचालक नीलाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेश पटेल, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मदनलाल साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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