छत्तीसगढ़

सहकारिता विभाग में धान खरीदी को लेकर विवाद, नोडल अधिकारी पर रिश्वतखोरी और अनियमितता के आरोप

Shantanu Roy
13 July 2026 7:54 PM IST
सहकारिता विभाग में धान खरीदी को लेकर विवाद, नोडल अधिकारी पर रिश्वतखोरी और अनियमितता के आरोप
x
छग
Sakti. सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सहकारिता विभाग में धान खरीदी वर्ष 2025-26 को लेकर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय पर रिश्वत लेने और विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में शिकायत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) से की गई है। शिकायतकर्ता कर्मचारी शशिकांत महंत ने आरोप लगाया है कि धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर अनियमितताएं की गईं। शिकायत में धान खरीदी केंद्रों में कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर कथित लेन-देन तक कई गंभीर बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
धान खरीदी केंद्रों में नियुक्तियों को लेकर सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धान खरीदी वर्ष 2025-26 के दौरान अनुभवहीन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन नियुक्तियों के लिए कथित रूप से पैसों का लेन-देन किया गया। इसके अलावा आरोप लगाया गया है कि डभरा और चंद्रपुर शाखा क्षेत्र की विभिन्न समितियों से एजेंटों के माध्यम से राशि एकत्रित कर संबंधित अधिकारी तक पहुंचाई जाती थी। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बैंक खाते और डिजिटल लेन-देन की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों से मांग की है कि नोडल अधिकारी, उनके चालक और कथित एजेंटों के बैंक खातों तथा यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच कराई जाए। इसके साथ ही धान खरीदी केंद्रों में हुई नियुक्तियों के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और बैंक लेन-देन की जांच करने की मांग की गई है। शिकायत में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति
मामले में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। संबंधित अधिकारी अश्विनी पाण्डेय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारी का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। शिकायतकर्ता ने मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और विभागीय स्तर पर कोई अनियमितता हुई है या नहीं। सहकारिता विभाग में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर पहले भी समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में सक्ती जिले में उठे इस मामले के बाद विभागीय पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Tagsसक्ती न्यूजसहकारिता विभाग सक्तीधान खरीदी 2025-26भ्रष्टाचार आरोपरिश्वतखोरी मामलाजिला सहकारी केंद्रीय बैंकअश्विनी पाण्डेयधान खरीदी केंद्रडभराचंद्रपुर शाखाशिकायत जांचछत्तीसगढ़ धान खरीदीसहकारी समिति अनियमिततासक्ती जिला समाचारजिला समाचारSakti NewsCooperative Department SaktiPaddy Procurement 2025-26Corruption AllegationBribery CaseDistrict Cooperative Central BankAshwini PandeyPaddy Procurement CenterDabhraChandrapur BranchComplaint InvestigationChhattisgarh Paddy ProcurementCooperative Society IrregularitySakti District NewsDistrict Newsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story