छत्तीसगढ़
सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा
Shantanu Roy
8 Jun 2026 6:15 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।
किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें
मुख्यमंत्री श्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।
महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस
बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।
शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल
मुख्यमंत्री ने पीएम श्री स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया। पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।
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