छत्तीसगढ़

डिप्टी सीएम अरुण साव ने वर्चुअल बैठक में खेल व युवा विकास पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव

Shantanu Roy
13 Sept 2025 12:04 AM IST
डिप्टी सीएम अरुण साव ने वर्चुअल बैठक में खेल व युवा विकास पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव
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छग
Raipur. रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में भाग लिया। बैठक में खेल और युवा विकास से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। डिप्टी सीएम साव अपने प्रवास के दौरान मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन जुड़कर बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़कर देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना था। इस दिशा में ‘
खेलो इंडिया
’ योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर गंभीर चर्चा की गई। इसके साथ ही हर राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया (SAI) के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या बढ़ाने, खेल अधोसंरचना के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए विशेष बजट प्रावधान करने तथा एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म विकसित करने जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के स्कूलों में खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा स्टाफ की भर्ती कर उन्हें सशक्त बनाया जाए। उन्होंने नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय में खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई, ताकि प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का उचित अवसर मिल सके। साव ने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि खेलों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा और बच्चों व युवाओं को खेलों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
बैठक में डिप्टी सीएम साव ने SAI के रीजनल सेंटरों में खेल प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल्स तथा उनके ज्ञान और कौशल के उन्नयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण पद्धति से लैस करना जरूरी है ताकि खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके। साव ने खेल कोटे से नियुक्त खिलाड़ियों को खेल से संबंधित कार्यों में ही संलग्न रखने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि खिलाड़ियों को अन्य विभागीय कार्यों में नहीं लगाया जाए ताकि उनके अनुभव का लाभ नए खिलाड़ियों को मिल सके और खेल क्षेत्र में उनका योगदान बना रहे। उन्होंने खेल विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा खेल अधोसंरचना का विस्तार करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही उन्होंने व्यवस्थित खेल नीति बनाने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनिटरिंग के लिए कार्ययोजना तैयार करने की बात कही।
बैठक में खेलों के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, खेल उपकरण उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों के लिए चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। डिप्टी सीएम साव ने कहा कि खेलों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखकर युवाओं के समग्र विकास का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने सभी राज्यों से खेलों को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सकता है। बैठक में राज्यों के खेल मंत्रियों, खेल अधिकारियों और युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने खेलों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और नवाचार अपनाने की आवश्यकता को स्वीकार किया।
डिप्टी सीएम
साव ने बैठक के समापन पर कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेलों में सक्रिय भागीदारी करें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। यह बैठक खेल क्षेत्र में विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई, जिसमें राज्य और केंद्र के बीच समन्वय बढ़ाने, खेल नीति में सुधार करने और युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित करने की ठोस रणनीति तैयार की गई। इससे खेलों के क्षेत्र में न केवल नई योजनाएं लागू होंगी, बल्कि युवाओं के लिए खेलों को करियर का विकल्प भी अधिक सशक्त होगा।
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