फर्नीचर खरीदी के पारित आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराने की मांग

समितियों में क्रय-विक्रय एवं फर्नीचर खरीदी नियमबद्धता हो
स्थानांतरण के बाद पारित आदेशों की सत्यापित प्रति की मांग
रायपुर। सरकारी कार्यालयों मेंअफसरशाही पूरी तरह हावी है। उप पंजीयक कार्यालय़ में उपपंजीयक के ट्रांसफर के बाद कार्यालय में तुगलकी आदेश जारी होते रहे हैं औऱ पारितआदेश मांगे जाने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं में स्थानांतरण के बाद पारित आदेशों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया जारी है। उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं एन. आर. के. चंद्रवंशी के स्थानांतरण के पश्चात 15 अप्रैल को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, खैरफुट के लिए मुरूम, गिट्टी क्रय कर फैलाने एवं फर्नीचर खरीदी के संबंध में पारित आदेश की सत्यापित प्रति शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
बताया जा रहा है कि चंद्रवंशी का स्थानांतरण आदेश 09 अप्रैल 2025 को जारी हो गया था। लेकिन इसके बाद भी समितियों एवं कार्यालय से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण निर्णय पारित किए गए, जिनमें से विशेष रूप से 15 अप्रैल को पारित आदेश की सत्यापित प्रति अब तक संबंधित पक्षों को उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रशासनिक पारदर्शिता और प्रक्रिया की पुष्टि के लिए इस आदेश की प्रति उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि समितियों में होने वाले क्रय-विक्रय एवं फर्नीचर खरीदी जैसे कार्यों में नियमबद्धता सुनिश्चित हो सके। सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभाग से मांग की गई है कि उप पंजीयक के स्थानांतरण के बाद पारित सभी आदेशों की प्रमाणित प्रति जल्द से जल्द जारी कर समिति और हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगामी कार्यवाही बाधित न हो।
सबसे मजेदार बात यह है कि इस तरह के आदेश देने का पावर सिर्फ उपपंजीयक को होता है, लेकिन उपपंजीयक के ट्रांसफर के बाद किसके आदेश से आदेश जारी हो रहे है कोई बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। सच्चाई जानने के लिए उपपंजीयक कार्यालय के अधिकारियों से चर्चा करने के लिए फोन लगाया गया लेकिन कार्यालयकेलैंडलाइन से लेकर अफसरों के मोबाइल में घंटी बजने के बाद भी किसी ने रिसीव नहीं किया।





