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Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। सूरजपुर जिले के लटोरी और आसपास के वनांचल क्षेत्रों में विचरण कर रहे कबरा हाथी ने दो लोगों की जान ले ली। हाथी ने बाइक से जा रहे चाचा-भतीजे पर अचानक हमला कर दिया। इस दौरान चाचा को हाथी ने कुचलकर मार डाला, जबकि भतीजे ने सड़क किनारे खड़े ट्रक के नीचे छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इसी दौरान हाथी ने एक अन्य ग्रामीण पर भी हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। जानकारी के मुताबिक, घटना रविवार शाम सूरजपुर और सरगुजा जिले की सीमा से लगे कल्याणपुर-अखोरा मार्ग की है। यहां चाचा और भतीजा बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका सामना जंगली हाथी से हो गया। हाथी को सामने देखकर दोनों संभल पाते, इससे पहले ही उसने हमला कर दिया।
चाचा को कुचलकर उतारा मौत के घाट
हाथी के हमले के दौरान बाइक सवार चाचा उसकी चपेट में आ गए। हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हमले से भतीजा बुरी तरह घबरा गया। अपनी जान बचाने के लिए वह वहां खड़े एक ट्रक की ओर भागा और उसके नीचे छिप गया। हाथी काफी देर तक आसपास मौजूद रहा। किसी तरह हाथी के वहां से जाने के बाद भतीजे ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि भतीजे ने ट्रक के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद उसने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
दूसरे ग्रामीण को भी हाथी ने कुचला
इस घटना के दौरान कबरा हाथी ने एक अन्य ग्रामीण को भी अपना शिकार बना लिया। जानकारी के अनुसार, अखोरा गांव के पास एक अन्य व्यक्ति पर भी हाथी ने हमला किया और उसे कुचलकर मार डाला। इस तरह एक ही क्षेत्र में हाथी के हमले से दो लोगों की मौत हो गई। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
कबरा हाथी के नाम से दहशत में ग्रामीण
बताया जा रहा है कि हमला करने वाला हाथी कबरा कान वाला हाथी है। यह हाथी पिछले कई महीनों से सूरजपुर और आसपास के वनांचल क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी इस हाथी के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। हाथी की लगातार मौजूदगी के कारण जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों को डर है कि जंगल और मुख्य मार्गों पर हाथी की मौजूदगी के चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर शाम और रात के समय लोगों का जंगल से लगे रास्तों पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
लगातार हो रही हाथियों के हमलों की घटनाओं के बाद वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और प्रभावित गांवों में समय रहते अलर्ट जारी किया जाए, ताकि लोग सतर्क रह सकें। फिलहाल घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है।
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