छत्तीसगढ़
सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में वैकल्पिक विवाद समाधान सेमिनार का द्वितीय दिवस संपन्न
Shantanu Roy
16 April 2026 9:05 PM IST

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छग
Durg. दुर्ग। सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में विद्यार्थियों हेतु आयोजित वैकल्पिक विवाद समाधान विषयक सेमिनार का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ, असिस्टेंट अधिवक्ता एवं मीडिएटर अधिवक्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। सेमिनार के दौरान विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को संविधान एवं वैकल्पिक विवाद समाधान की अवधारणा पर विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक विवाद समाधान क्या है, किन परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जाता है, इसकी आवश्यकता क्यों है तथा यह समाज एवं न्याय प्रणाली को किस प्रकार सुदृढ़ बनाता है। लोक अदालत एवं मीडिएशन की प्रक्रिया, उनके महत्व तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विषय को सरल एवं सहज भाषा में समझाया गया।
विशेषज्ञों ने न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या, मीडिएशन के विभिन्न प्रकार एवं उनकी प्रभावशीलता पर भी विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही वर्तमान समय में वैकल्पिक विवाद समाधान की बढ़ती प्रासंगिकता एवं उसकी व्यापक उपयोगिता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव द्वारा ऑनलाइन विवाद समाधान के संबंध में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को ऑनलाइन विवाद समाधान की अवधारणा, उसके प्रारंभ, उपयोग के क्षेत्रों एवं लाभों से अवगत कराया गया। साथ ही उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी भी साझा की गई।
मीडिएशन की प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं व्यावहारिक बनाने हेतु विशेषज्ञों ने फिल्मों के किरदारों के उदाहरणों के माध्यम से विवाद समाधान की भूमिका को सहज ढंग से प्रस्तुत किया तथा मध्यस्थता 2.0 की अवधारणा पर भी विशेष प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, आधुनिक तकनीकी साधनों के प्रभावी उपयोग पर मार्गदर्शन देते हुए विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से प्राप्त जानकारी के सत्यापन की आवश्यकता पर जोर दिया तथा इससे संबंधित एक प्रासंगिक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान एक चित्रकला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय जेल के बंदियों, पैरालिगल वॉलंटियर्स एवं एलएडीसीएस के स्टॉफ द्वारा निर्मित कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया, जिसे विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनों ने अत्यंत सराहा।
कार्यक्रम के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव द्वारा महाविद्यालय के प्राचार्य को राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 विषयक विशेष पुस्तक "आईसागर - दुर्ग जिले का मध्यस्थता रणनीति मॉडल" भेंट की गई तथा इसकी सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विद्यार्थियों को तत्काल प्रेषित की गई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं सक्रियता के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की तथा विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर प्रदान किया गया। यह विधिक साक्षरता सेमिनार विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ एवं उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक तथा प्रेरणादायक अनुभव बताया।
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