छत्तीसगढ़
जंगल में नक्सलियों का खतरनाक डंप बरामद, जवानों को बड़ी सफलता
Shantanu Roy
19 Oct 2026 12:40 PM IST

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छग
Gariaband. गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया है। इस नक्सल डंप से टिफिन आईईडी, यूबीजीएल राउंड, कोडेक्स वायर सहित कई अन्य सामान मिले हैं। संभावित खतरे को देखते हुए बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
जंगलों में चलाया गया विशेष सर्च ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां जंगलों में माओवादियों द्वारा छिपाए गए हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्री की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट, कठवा और गंवरमुड़ के जंगलों में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 65वीं बटालियन और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम शामिल रही। जवानों ने जंगल के संवेदनशील इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाते हुए संदिग्ध स्थानों की जांच की।
पुलिया के पास जमीन में छिपाकर रखा था विस्फोटक
सर्च ऑपरेशन के दौरान गोवरमुंडा क्षेत्र में एक पुलिया के पास जवानों को संदिग्ध सामग्री दिखाई दी। खतरे की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों ने तत्काल आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी। इसके बाद सावधानीपूर्वक तलाशी लेने पर जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया नक्सल डंप मिला। विस्फोटक सामग्री होने की आशंका के चलते जवानों ने खुद से छेड़छाड़ करने के बजाय सीआरपीएफ के बम खोज एवं निष्क्रियकरण दस्ते (बीडीएस) को मौके पर बुलाया। विशेषज्ञों की टीम ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत संदिग्ध स्थान की जांच की और जमीन के नीचे दबाकर रखे गए विस्फोटकों एवं अन्य सामग्रियों को बरामद किया।
नक्सल डंप से बरामद हुई खतरनाक सामग्री
तलाशी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी मात्रा में संदिग्ध और विस्फोटक सामग्री मिली। बरामद सामान में 2.5 किलोग्राम वजन की एक टिफिन आईईडी, चार यूबीजीएल राउंड, दो मीटर कोडेक्स वायर और 15 खाली खोखे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मौके से दवाइयां और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं भी बरामद की गईं। इन सामग्रियों को नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे जाने की बात सामने आई है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से जंगल में छिपे विस्फोटकों से होने वाले संभावित खतरे को कम करने में मदद मिली है।
मौके पर ही नष्ट किए गए विस्फोटक
पुलिस के अनुसार, बरामद टिफिन आईईडी और चार यूबीजीएल राउंड सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक थे। इन्हें दूसरी जगह ले जाने में जोखिम हो सकता था। इसलिए बम निरोधक दस्ते ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए घटनास्थल पर ही नियंत्रित विस्फोट के जरिए इन्हें नष्ट कर दिया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। विस्फोटक सामग्री को निष्क्रिय किए जाने के बाद सुरक्षाबलों ने अभियान से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई पूरी की।
नक्सल विरोधी अभियान जारी रखने की तैयारी
सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन ने स्पष्ट किया है कि इलाके में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेंगे। सुरक्षाबलों का विशेष ध्यान जंगलों में छिपाए गए पुराने नक्सल डंप, विस्फोटकों और अन्य खतरनाक सामग्रियों की तलाश पर है। सुरक्षा एजेंसियों का प्रयास है कि ऐसे विस्फोटकों को समय रहते बरामद कर निष्क्रिय किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के लिए किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो। गरियाबंद में हुई इस कार्रवाई को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
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