छत्तीसगढ़
उड़द दाल में खतरनाक मिलावट का खुलासा, 8 लाख की सामग्री जब्त
Shantanu Roy
16 Feb 2026 8:45 PM IST

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छग
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाली एक सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने भाटापारा क्षेत्र में स्थित एक दाल मिल पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में मिलावटी उड़द दाल और संदिग्ध रासायनिक रंग जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उड़द दाल को अधिक चमकदार और गहरा काला दिखाने के लिए उसमें खतरनाक केमिकल रंग की मिलावट की जा रही थी, ताकि बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा सके।
जानकारी के मुताबिक, टीम ने भाटापारा के सुहेला रोड स्थित खोखली परिसर में संचालित अन्नपूर्णा ट्रेडर्स (दाल मिल) में दबिश दी। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को एक ड्रम में काले रंग का संदिग्ध रासायनिक पदार्थ मिला। आशंका जताई जा रही है कि इसी केमिकल रंग का उपयोग उड़द दाल को कृत्रिम रूप से गहरा और आकर्षक बनाने के लिए किया जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के अज्ञात रासायनिक रंगों का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है और इससे पेट, लीवर तथा अन्य अंगों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 8 लाख रुपये कीमत की 316 बोरी उड़द दाल को मौके पर ही जब्त कर लिया। साथ ही संदिग्ध रासायनिक रंग को भी सील कर कब्जे में लिया गया। अधिकारियों ने मिल परिसर से दाल और केमिकल के नमूने एकत्र कर जांच के लिए रायपुर स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दाल में किस प्रकार के रसायन की मिलावट की गई थी और उसका स्वास्थ्य पर कितना दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर खाद्य मिलावट का प्रतीत हो रहा है। यदि जांच में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जिले में अन्य दाल मिलों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की भी सघन जांच की जाएगी, ताकि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद उपभोक्ताओं में आक्रोश और चिंता का माहौल है। आम लोगों का कहना है कि मुनाफाखोरी के लिए खाद्य पदार्थों में जहरीली मिलावट करना बेहद निंदनीय है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी नागरिकों को सतर्क रहने और विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदने की सलाह दी है।
प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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