छत्तीसगढ़
दुर्ग में करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
16 Oct 2026 3:57 PM IST

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Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सुपेला और खुर्सीपार थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी और किराए के बैंक खातों के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी रकम का लेनदेन कर रहे थे। इस कार्रवाई के बाद इन मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार स्मार्टफोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फर्जी बैंक खातों के जरिए चल रहा था करोड़ों का खेल
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने और दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए कर रहे थे। आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे। इसके बाद इन खातों को ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले गिरोहों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल बड़ी रकम जमा करने और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
तालाब के पास बैंक खातों का सौदा करते दो आरोपी गिरफ्तार
सुपेला पुलिस को सूचना मिली थी कि दाऊ बाड़ा तालाब के पास दो युवक फर्जी बैंक खातों का सौदा करने के लिए घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और नीरज गायकवाड़ तथा अंशु साव को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गरीब और जरूरतमंद लोगों से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते कम कीमत पर खरीदते थे। इसके बाद इन्हीं बैंक खातों को ऑनलाइन सट्टा गिरोह से जुड़े लोगों को एक लाख रुपये तक में बेच देते थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने बैंक खातों की खरीद-बिक्री और उनके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटानी शुरू की।
हर महीने 25 हजार रुपये लेकर करता था रकम ट्रांसफर
जांच में आरोपी नीरज गायकवाड़ की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, नीरज ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का काम करता था। इसके लिए वह क्यूआर कोड का इस्तेमाल करता था। सट्टेबाजी से जुड़ी रकम आगे भेजने के बदले उसे गिरोह से हर महीने 25 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस अब बैंक खातों के माध्यम से किए गए लेनदेन और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
81 संदिग्ध बैंक खातों की जांच में बड़ा खुलासा
दूसरी ओर, खुर्सीपार पुलिस ने देशभर में साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस इंडियन बैंक के 81 संदिग्ध खातों की जांच कर रही थी। जांच में सामने आया कि इन खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम जमा कराई जा रही थी। रकम खाते में पहुंचते ही खाताधारक और बिचौलिए अपना कमीशन काट लेते थे। इसके बाद शेष रकम दूसरे संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
खुर्सीपार पुलिस ने पांच आरोपियों को दबोचा
इस मामले में खुर्सीपार पुलिस ने तरुण कुमार, गौरव साहू, जसमीत, निखिल नेताम और नरगिस बानो को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इसी मामले में पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब पांच और आरोपियों के पकड़े जाने के बाद संबंधित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों की संख्या नौ हो गई है। वहीं, सुपेला पुलिस की कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ दोनों मामलों में कुल 11 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
चार स्मार्टफोन, पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस ने दोनों कार्रवाइयों में आरोपियों के कब्जे से चार स्मार्टफोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। जांच में बैंक खातों के इस्तेमाल और रकम के हस्तांतरण से जुड़ी जानकारी सामने आई है। पुलिस संबंधित बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर रही है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की खरीद-बिक्री का मामला उजागर हुआ है।
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