छत्तीसगढ़

ई-चालान लिंक से साइबर ठगी: महिला का 5.12 लाख रुपये से हुआ नुकसान

Shantanu Roy
18 Sept 2025 6:42 PM IST
ई-चालान लिंक से साइबर ठगी: महिला का 5.12 लाख रुपये से हुआ नुकसान
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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। संजय नगर की रहने वाली अर्चना भदौरिया के मोबाइल को हैक कर ठगों ने उनके बैंक खाते से 5,12,900 रुपये उड़ा लिए। यह घटना फर्जी ई-चालान लिंक के जरिए हुई। इससे पहले दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में पार्षदों और कारोबारियों से ठगों ने करीब 10 लाख रुपये ठग लिए थे।
फर्जी ई-चालान लिंक से हुआ फोन हैक
टीकरापारा पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर की सुबह अर्चना भदौरिया के व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें 1,000 रुपये का ई-चालान भरने का लिंक था। मैसेज देखकर महिला घबरा गई कि उनका चालान कैसे कट गया। लिंक खोलते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और कुछ समय के लिए फोन काम नहीं कर रहा था। बाद में उनके व्हाट्सएप का सारा डेटा डिलीट हो गया।
खातों से उड़ाए गए लाखों रुपये
दो दिन बाद, 17 सितंबर की सुबह 6 बजे, उनके मोबाइल पर OTP आया। इसके कुछ ही मिनटों में अज्ञात साइबर ठगों ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 5.12 लाख रुपये निकाल लिए। घटना के बाद अर्चना ने बैंक जाकर अपना खाता ब्लॉक कराया और टीकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ठग के खाते को होल्ड करवा दिया है और अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी पार्षद और कारोबारी बने शिकार
छत्तीसगढ़ में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
दुर्ग: मठपारा वार्ड के पार्षद नरेन्द्र कुमार बंजारे से 9 सितंबर को 89,500 रुपये की ठगी हुई। उनके मोबाइल पर फर्जी ई-चालान लिंक आया, जिसे क्लिक करते ही रकम दो ट्रांजेक्शन में उड़ गई।
बिलासपुर: दयालबंद वार्ड 36 के पार्षद बंधु मौर्य से 3 सितंबर को 3 लाख रुपये की ठगी हुई। उन्होंने लिंक के जरिए आधार, पैन और बैंक डिटेल्स भर दी। इसके बाद उनके एचडीएफसी खाते से लगातार पैसे ट्रांसफर होते रहे।
रायपुर: गुढ़ियारी के एक कारोबारी से 4 लाख रुपये और पुरानी बस्ती निवासी एक युवक से 2 लाख रुपये की ठगी हुई।
इन सभी मामलों में फर्जी ई-चालान लिंक भेजकर खातों से रकम उड़ाई गई।
साइबर ठगों का नया हथकंडा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे फर्जी लिंक या .apk फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल या कंप्यूटर में हानिकारक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है। इसके जरिए ठग पीड़ित का पूरा डेटा, पासवर्ड और बैंक डिटेल्स हासिल कर लेते हैं। खातों से रकम निकालने के बाद पीड़ित को पता चलता है कि उनका पैसा उड़ चुका है।
पुलिस और परिवहन विभाग ने जारी किया अलर्ट
टीकरापारा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ई-चालान लिंक या अनजाने स्रोत से आए लिंक पर क्लिक न करें। बैंक डिटेल्स, OTP या पासवर्ड कभी भी किसी को साझा न करें। पुलिस ने कहा कि अगर किसी के पास सीसीटीवी फुटेज या ठगी से जुड़ी जानकारी है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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