छत्तीसगढ़
फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर साइबर फ्रॉड उजागर, 26 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
14 April 2026 6:38 PM IST

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छग
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे बड़े साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर पुलिस ने लोक सेवा केंद्र और शिक्षा सोसायटी की आड़ में संचालित इस संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो संचालकों समेत कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देशभर के लोगों को शादी के नाम पर फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क रायगढ़ के दरोगापारा क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जहां बाहरी रूप से आरटीओ और दस्तावेज संबंधी कार्य दिखाया जाता था, लेकिन अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट और कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था।
यहां पर युवतियों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें शादी के नाम पर झांसा दिया जाता था और रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस तथा अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए पैसे वसूले जाते थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और साइबर थाना टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और 3 बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने फोटोशॉप और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज और सरकारी सील-मुहर तैयार की थीं।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि वर्ष 2022 से अब तक इस गिरोह ने करीब 7,693 लोगों को ठगी का शिकार बनाया और लगभग 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली की। गिरोह के सदस्य फर्जी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनलों के जरिए नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें भरोसे में लेकर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र से जुड़ा था, लेकिन उसकी आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क तैयार किया। उसके साथ हिमांशु मेहर और अन्य सहयोगियों की भूमिका भी सामने आई है।
छापेमारी के दौरान एसडीएम और आरटीओ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे नेटवर्क की जांच की गई। पुलिस ने सभी 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इनके खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का पेशेवर तरीके से भंडाफोड़ किया है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या दस्तावेज सेवा का उपयोग करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि यह गिरोह लंबे समय से पूरे देश में सक्रिय था और संगठित तरीके से ठगी कर रहा था।
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