छत्तीसगढ़

नॉर्थ जोन के स्कूलों में साइबर जागृति अभियान, 800 से अधिक विद्यार्थी हुए जागरूक

Shantanu Roy
17 Aug 2026 9:01 PM IST
नॉर्थ जोन के स्कूलों में साइबर जागृति अभियान, 800 से अधिक विद्यार्थी हुए जागरूक
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। खम्हारडीह, खमतराई, गुढ़ियारी और उरला थाना क्षेत्रों के विभिन्न शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 800 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं स्कूल स्टाफ तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। इसी क्रम में रायपुर कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन ने स्कूलों के माध्यम से बच्चों और उनके परिवारों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की पहल की।
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन आदित्य पांडे के मार्गदर्शन में अलग-अलग थाना पुलिस की टीमों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया।
चार थाना क्षेत्रों के स्कूलों में चला अभियान
साइबर जागरूकता कार्यक्रम के तहत खम्हारडीह थाना क्षेत्र के शासकीय स्कूल खम्हारडीह, खमतराई थाना क्षेत्र के हायर सेकेंडरी स्कूल खमतराई और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय WRS में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी तरह गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के महावीर हायर सेकेंडरी स्कूल और उरला थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुमां में भी विद्यार्थियों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताया गया। पुलिस के अनुसार सभी कार्यक्रमों को मिलाकर 800 से अधिक छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ को जागरूक किया गया।
अनजान APK और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजी गई APK फाइल को मोबाइल फोन में डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। संदिग्ध लिंक और मैसेज को खोलने या दूसरे लोगों को शेयर करने से भी बचने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों को OTP, ATM PIN, UPI PIN, CVV, बैंक खाते और अन्य गोपनीय जानकारियां किसी के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने से बचने और अनजान प्रोफाइल से आने वाले संदेशों पर सतर्क रहने को कहा गया।
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी निवेश की दी जानकारी
पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC, ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में भी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि साइबर अपराधी कई बार बैंक, पुलिस या दूसरी संस्थाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर पैदा करते हैं और जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाने या गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी कॉल या मैसेज पर तत्काल भरोसा करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करने की सलाह दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि सतर्कता साइबर अपराध से बचाव का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
बच्चों के जरिए परिवार तक पहुंचेगा संदेश
नॉर्थ जोन पुलिस ने कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को केवल स्वयं जागरूक रहने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उनसे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी साइबर ठगी के तरीकों की जानकारी देने की अपील की। इसका उद्देश्य बच्चों के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश घर-घर तक पहुंचाना है। विद्यार्थियों को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया पेज से जुड़ने और अभियान से संबंधित QR कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। ‘जागरूकता की एक Selfie’ पहल के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश सोशल मीडिया पर अधिक लोगों तक पहुंचाने की जानकारी दी गई।
‘संवाद से समाधान’ के तहत सवालों के दिए जवाब
कार्यक्रम में ‘संवाद से समाधान’ की भावना के अनुरूप पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे बातचीत की। साइबर अपराध से संबंधित उनकी जिज्ञासाओं और सवालों के जवाब दिए गए। इसके साथ ही उन्हें अपने मित्रों, परिजनों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पुलिस ने बताया कि साइबर वित्तीय ठगी होने पर शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसी स्थिति में पीड़ित को तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। नॉर्थ जोन पुलिस के अनुसार साइबर जागृति अभियान के तहत आगे भी विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों से परिचित कराकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
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