छत्तीसगढ़

अर्नब तूफान से फसलें तबाह, बेमेतरा में सर्वे शुरू, किसानों को मिलेगी राहत राशि, जानें कैसे

Shubhra Nandy
31 Oct 2026 7:07 AM IST
अर्नब तूफान से फसलें तबाह, बेमेतरा में सर्वे शुरू, किसानों को मिलेगी राहत राशि, जानें कैसे
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सरकार का बड़ा फैसला
रायपुर : छत्तीसगढ़ में अर्नब तूफान के प्रभाव से फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप बेमेतरा जिला प्रशासन ने खरीफ फसलों की क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं, जो प्रभावित गांवों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल नुकसान का सर्वे समय पर पूरा किया जाए, ताकि पात्र किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6(4) के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।
अर्नब तूफान के कारण बेमेतरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खेतों में खड़ी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की है। राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से खेतों तक पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। सर्वे के दौरान नुकसान का आकलन किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों की पहचान और पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
खेतों तक पहुंचीं सरकारी टीमें
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान झेलने वाले पात्र किसानों को शासन के नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन के अनुसार, सर्वे दल गांवों में पहुंचकर फसलों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। इसके माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि तूफान के कारण किन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है और क्षति की स्थिति क्या है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार राहत सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रशासन ने प्रभावित किसानों से भी महत्वपूर्ण अपील की है। जिन किसानों की खरीफ फसलों को अर्नब तूफान के कारण नुकसान पहुंचा है, वे इसकी जानकारी तत्काल अपने क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक (RI) अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) को दें। किसानों द्वारा समय पर सूचना देने से संबंधित सर्वे दल को खेतों तक पहुंचने और नुकसान का आकलन करने में सहायता मिलेगी। फसल क्षति की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर परिस्थितियों का निरीक्षण कर सकेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र प्रभावित किसान सर्वे प्रक्रिया से वंचित न रह जाए और वास्तविक नुकसान के आधार पर राहत सहायता संबंधी कार्रवाई की जा सके।

अब RBC 6(4) के तहत राहत देने की तैयारी

छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत निर्धारित प्रावधान लागू हैं। इसी व्यवस्था के तहत बेमेतरा जिले में भी खरीफ फसलों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने तथा शासन के नियमों के अनुसार पात्रता निर्धारित होने के बाद संबंधित किसानों के बैंक खातों में राहत राशि अंतरित की जाएगी। हालांकि, अभी जिले में कुल कितने किसानों की फसल प्रभावित हुई है और कितने क्षेत्र में नुकसान पहुंचा है, इसका अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक क्षति और राहत सहायता के पात्र किसानों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी। इसी आधार पर शासन के नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा का असर किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। विशेष रूप से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने पर किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में फसल क्षति का समय पर आकलन और पात्र किसानों तक राहत पहुंचाना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन संकल्प के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए त्वरित पहल की जा रही है। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमें सर्वे कार्य में जुटी हुई हैं। संबंधित अधिकारियों को सर्वे की प्रक्रिया गंभीरता से पूरी करने और पात्र किसानों के मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने एक बार फिर किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों को हुए नुकसान की सूचना देने में देरी न करें। प्रभावित किसान अपने क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को जानकारी देकर सर्वे प्रक्रिया में सहयोग करें। सर्वे पूरा होने और पात्रता निर्धारित होने के बाद ही राहत राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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