छत्तीसगढ़
कोण्डागांव में अपराध समीक्षा बैठक, SP ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
Shantanu Roy
9 Aug 2026 11:54 PM IST

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Kondagaon. कोण्डागांव। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा की अध्यक्षता में जिला पुलिस कार्यालय कोण्डागांव में जिले की कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान जिले में दर्ज अपराधों, लंबित मामलों, शिकायतों के निराकरण, विवेचना की प्रगति और पुलिस की विभिन्न शाखाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से जिले की वर्तमान कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली और लंबित मामलों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम नागरिकों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जाए और किसी भी मामले में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में विशेष रूप से गंभीर और लंबे समय से लंबित अपराधों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने ऐसे मामलों की विवेचना जल्द पूरी करने और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में समय पर चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध की विवेचना जितनी प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होगी, न्यायालय में दोषसिद्धि की संभावना उतनी ही मजबूत होगी। इसलिए विवेचना के प्रत्येक चरण में आवश्यक सावधानी बरतने पर जोर दिया गया। एसपी पंकज चन्द्रा ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही लंबित समन और वारंटों की शत-प्रतिशत तामिली सुनिश्चित करने को कहा। आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने तथा उनके खिलाफ प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए थाना क्षेत्रों में नियमित रात्रि गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी आम लोगों को दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने की बात कही गई। बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उसकी सतत मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से कानून व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों पर तत्काल नजर रखी जाए। ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच करने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए।
साइबर अपराधों को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। ऑनलाइन बैंकिंग, एटीएम धोखाधड़ी, डिजिटल फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से लोगों को बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी जाए और उन्हें सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक किया जाए। इसके साथ ही यातायात नियमों के पालन को लेकर भी जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहन चालकों को यातायात नियमों, हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व की जानकारी देना जरूरी है। संबंधित थाना क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को लगातार संचालित करने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने सामुदायिक पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। थाना प्रभारियों को ग्राम स्तर पर जनसंवाद बढ़ाने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने के लिए नियमित रूप से संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने फरियादियों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की समस्या सुनते समय पुलिसकर्मियों का व्यवहार जिम्मेदार और सहयोगात्मक होना चाहिए। पुलिस के प्रति आम लोगों का विश्वास मजबूत करना कानून व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
बैठक में अभियोजन अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराधों में प्रभावी विवेचना के साथ न्यायालयीन प्रक्रिया में भी बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को न्यायालय में दोषसिद्धि प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुशासन, जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाते हुए अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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