छत्तीसगढ़

बोलेरो चालक हत्या मामले में कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Shantanu Roy
10 Dec 2025 11:04 PM IST
बोलेरो चालक हत्या मामले में कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
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Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के बेलपत गांव में तीन साल पहले बोलेरो चालक रमेश दास की पत्थर से कुचलकर हत्या के मामले में पेंड्रा रोड की प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने मुख्य आरोपियों पिंकू सिंह चौहान और प्रांशु सिंह चौहान को हत्या, लूट और अपहरण की धाराओं में आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, तीनों आरोपियों पिंकू सिंह, प्रांशु सिंह और सर्वेश सिंह को आपराधिक षड्यंत्र के तहत 5-5 साल का कठोर कारावास भी दिया गया।
तीन साल पहले क्या हुआ था?
24 सितंबर 2022 को गौरेला थाना क्षेत्र के बेलपत गांव के राजमेंलान नाला के पास जंगल में गश्त कर रहे वन कर्मियों को एक युवक का शव मिला। मृतक का सिर भारी पत्थर से कुचला हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच में मृतक की पहचान बोलेरो चालक रमेश दास के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, रमेश दास 22 सितंबर 2022 को रीवा बुकिंग पर गया था और वापसी के दौरान लापता हो गया। उसकी बोलेरो भी गायब थी। पुलिस ने मामले की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रहने वाले पिंकू चौहान और प्रांशु चौहान ने रास्ते में बोलेरो चालक को रोका और लूटने के उद्देश्य से जबरन अपने साथ ले गए।
छत्तीसगढ़ लाते समय, एक नाबालिग की मदद से लगभग 15 किलो का पत्थर मारकर रमेश की हत्या कर दी गई। लूट के बाद बोलेरो को सर्वेश सिंह उर्फ जय सिंह को बेचने की साजिश रची गई। आरोपियों ने रमेश से 3,000 रुपए भी लूटे और मोबाइल रास्ते में फेंक दिया। पुलिस ने टोल प्लाजा फुटेज, बोलेरो में मिले फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट प्रस्तुत की।
अदालत ने सुनाई यह सजा:
आरोपी: पिंकू सिंह और प्रांशु सिंह
धारा 302, 34 (हत्या): आजीवन कारावास + ₹1,000 अर्थदंड
धारा 397, 34 (लूट): 10-10 साल का सश्रम कारावास + ₹1,000 अर्थदंड
धारा 364, 34 (अपहरण): आजीवन कारावास + ₹1,000 अर्थदंड
आरोपी: पिंकू, प्रांशु और सर्वेश सिंह
धारा 120-B (आपराधिक षड्यंत्र): 5-5 साल का कठोर कारावास + ₹500 अर्थदंड
अर्थदंड न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने इस मामले में पुलिस की जाँच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया की सराहना की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में टोल प्लाजा फुटेज, बोलेरो में फिंगरप्रिंट, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की सूचनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह मामला जिले में भारी पत्थर से हत्या, वाहन अपहरण और लूट की संगठित साजिश का उदाहरण है। प्रशासन ने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कानून प्रवर्तन जारी रहेगा।
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