कुक के साथ जुल्म, समाज ने बहिष्कृत कर जीवन जीना किया मुश्किल

डोंगरगढ़। वक्फ बोर्ड की जमीन की जानकारी लेना डोंगरगांव निवासी अब्दुल बाबर अंसारी को इस कदर भारी पड़ गया कि उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। आरोप है कि उन्होंने जैसे ही सुन्नी मुस्लिम जमात मस्जिद कमेटी से वक्फ की पांच जमीनों में से बेची गई चार और बेचने की तैयारी में लगी पांचवीं जमीन की जानकारी मांगी उसी वक्त उन्हें समाज में जलील कर बहिष्कृत कर दिया गया।
बाबर अंसारी जो पेशे से खाना बनाने का कार्य करते हैं ने आरोप लगाया है कि कमेटी के अध्यक्ष समेत 8 सदस्यों ने न केवल उन्हें काम से हटवा दिया बल्कि समाज में यह ऐलान करवा दिया कि कोई भी उनके हाथ का खाना नहीं खाएगा और उनसे कोई संबंध नहीं रखेगा। अब्दुल बाबर पहले से पैरालिसिस, बीपी और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उनके घर की बिजली भी काट दी गई।
अब्बास अंसारी ने मस्जिद कमेटी की तानाशाही और उत्पीड़न के खिलाफ राजनांदगांव एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि सिर्फ जानकारी मांगने पर उन्हें इस तरह से बहिष्कृत किया जाना न केवल अमानवीय है बल्कि गैरकानूनी भी। फिलहाल मामला पुलिस जांच के दायरे में है और अब देखना होगा कि प्रशासन इस उत्पीड़न के खिलाफ क्या कदम उठाता है।





