छत्तीसगढ़
ग्रामीण की संदिग्ध मौत पर बढ़ा विवाद, परिजनों ने 5 लोगों पर जताया शक
Shantanu Roy
1 Oct 2026 5:56 PM IST

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Rajim. राजिम। गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत टेका गांव में ग्रामीण राज कुमार भारद्वाज की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। मृतक के परिजनों ने पुलिस से मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे राजिम थाने का घेराव करेंगे। मामला 27 सितंबर का है। उस दिन राज कुमार भारद्वाज का शव उसके घर की खिड़की में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच के आधार पर मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
परिजनों का कहना है कि वे शुरुआत से ही इस घटना को आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। परिवार का आरोप है कि मृतक के साथ उसकी मौत से पहले कुछ लोगों ने मारपीट की थी। इसी आधार पर परिजनों ने गांव के पांच लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं और उनकी भूमिका की जांच करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि राज कुमार की मौत की परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं। इसी वजह से वे केवल शुरुआती निष्कर्ष के आधार पर मामले को आत्महत्या मानकर बंद किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। परिजनों ने मांग की है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
मृतक के परिजनों के अनुसार जिन पांच लोगों के नाम पुलिस को बताए गए हैं, उन पर राज कुमार के साथ अंतिम दिनों में मारपीट करने का आरोप है। परिवार का कहना है कि इस तथ्य की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि यदि पुलिस कार्रवाई में देरी होती है तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग केवल इस मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरा रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले का आगे परीक्षण किया जाएगा। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच जारी रखी है। पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इधर परिजनों और ग्रामीणों में घटना को लेकर नाराजगी बनी हुई है। परिवार की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर थाना घेराव की चेतावनी दिए जाने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। अब इस प्रकरण में आगे की दिशा पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट पर निर्भर मानी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि राज कुमार भारद्वाज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और मामले में आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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