छत्तीसगढ़
नशे के लिए सस्पेंड आरक्षक ने अपने ही घर में की चोरी, दो दोस्तों के साथ गिरफ्तार
Shantanu Roy
6 Oct 2026 3:03 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चोरी के एक मामले की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, निलंबित आरक्षक ने नशे की जरूरत पूरी करने के लिए अपने ही घर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर ली। वारदात में उसके दो दोस्त भी शामिल थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक जब्त की है। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, सागरदीप कॉलोनी में रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज का त्योहार मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। इसी दौरान उनके घर में चोरी की घटना हुई। परिजनों ने उन्हें जानकारी दी कि कमरे में रखी अलमारी और लॉकर का ताला टूटा हुआ है। सूचना मिलने के बाद वृंदावती मिश्रा बिलासपुर लौटीं और घर पहुंचकर सामान की जांच की।
अलमारी खोलने पर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब मिले। इसके बाद उन्होंने सकरी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने शुरुआत में घर आने-जाने वाले लोगों, परिचितों और करीबियों से पूछताछ की। इसी दौरान महिला के बेटे आशीष मिश्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी के समय आशीष घर पर ही मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने उससे जुड़ी गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटाई।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने आशीष मिश्रा (31) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इसके साथ ही उसके दोस्त सिविल लाइन क्षेत्र के 27 खोली निवासी सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27) और उसलापुर निवासी अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23) से भी पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आशीष को घर में रखे जेवर और नकदी की पूरी जानकारी थी। उसने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। इसके बाद तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं। साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक भी जब्त की गई है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि तीनों आरोपी इससे पहले किसी अन्य चोरी या आपराधिक घटना में शामिल रहे हैं या नहीं। CSP परमेश्वर तिलकवार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक है। उसे अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। काम में लापरवाही और नशे की आदत के कारण वह वर्तमान में निलंबित चल रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपियों ने कथित तौर पर नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। अपने ही घर में चोरी की साजिश रचने और दोस्तों को इसमें शामिल करने की बात सामने आने से मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल सकरी पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। चोरी गए सामान की पूरी सूची, बरामदगी और आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
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