छत्तीसगढ़

धर्मांतरित महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार, हिंदू रीति से संस्कार पर बनी सहमति

Shantanu Roy
10 Sept 2026 6:44 PM IST
धर्मांतरित महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार, हिंदू रीति से संस्कार पर बनी सहमति
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Dhamtari. धमतरी। जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। ग्राम पंचायत नवागांव में महिला के शव को दफनाने की तैयारी पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। मामला धर्मांतरण से जुड़ा होने के कारण गांव में कई घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही। बाद में ग्रामीणों और मृतका के परिवार के बीच बातचीत हुई। परिवार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई, जिसके बाद ग्रामीण भी सशर्त दाह संस्कार के लिए राजी हो गए।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत नवागांव निवासी महेश्वरी साहू की मौत के बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान शव को दफनाने की बात सामने आने पर गांव के कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। बताया गया कि साहू परिवार ने ईसाई धर्म अपना लिया था। इसी आधार पर ग्रामीणों ने गांव में शव दफनाने को लेकर आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। दोनों पक्षों के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर बातचीत हुई।
हिंदू रीति से अंतिम संस्कार पर बनी सहमति
विवाद बढ़ने के बीच ग्रामीणों ने परिवार के सामने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने की मांग रखी। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों के बीच बातचीत का दौर चला। अंततः परिवार की ओर से महिला का अंतिम संस्कार हिंदू परंपरा के अनुसार करने पर सहमति जताई गई। परिवार की सहमति के बाद ग्रामीण भी दाह संस्कार के लिए राजी हो गए। इसके बाद विवाद शांत होने की स्थिति बनी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी सक्रिय रहे। गांव में मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने स्थिति पर नजर रखी, ताकि किसी तरह का टकराव न हो। दोनों पक्षों के बीच बातचीत और सहमति के बाद हालात सामान्य होने लगे।
कई घंटे तक गांव में बनी रही तनाव की स्थिति
महिला के अंतिम संस्कार को लेकर शुरू हुआ विवाद कई घंटे तक चलता रहा। ग्रामीण शव को गांव में दफनाने का विरोध कर रहे थे, जबकि परिवार की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। विवाद बढ़ने की आशंका के कारण प्रशासनिक और पुलिस अमला भी मौके पर मौजूद रहा। अंततः बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास सफल रहा। परिवार के हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए सहमत होने के बाद ग्रामीणों ने भी अपनी ओर से सहमति दी। इस घटनाक्रम के दौरान प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति पैदा नहीं होने देने की थी। अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत जारी रही और अंततः मामला शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की ओर बढ़ा।
धर्मांतरण और अंतिम संस्कार को लेकर चर्चा
इस घटना के बाद इलाके में धर्मांतरण के साथ अंतिम संस्कार की परंपराओं और स्थानीय सामाजिक मान्यताओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि किसी व्यक्ति या परिवार की धार्मिक आस्था और अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों में कानून और व्यक्तिगत अधिकारों का पालन भी महत्वपूर्ण है।
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