छत्तीसगढ़

दिल्ली महारैली के लिए कांग्रेस का बस प्लान; छत्तीसगढ़ से 5 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी

Shubhra Nandy
30 Oct 2026 12:35 PM IST
दिल्ली महारैली के लिए कांग्रेस का बस प्लान; छत्तीसगढ़ से 5 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी
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1 नवंबर को शक्ति प्रदर्शन
रायपुर : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित कांग्रेस की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस महारैली में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की जा रही है। विशेष ट्रेन की मांग पूरी नहीं होने के बाद पार्टी ने सड़क मार्ग से कार्यकर्ताओं को दिल्ली भेजने की योजना बनाई है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने महारैली में बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 30 से अधिक लग्जरी बसें बुक की हैं। पार्टी का लक्ष्य राज्य से 5 हजार से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाना है। हालांकि, बसों की संख्या और कार्यकर्ताओं के लक्ष्य के बीच अंतर को देखते हुए अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है। पार्टी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, कार्यकर्ताओं की यात्रा और दिल्ली पहुंचने की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कांग्रेस की यह महारैली राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 'वोट बचाओ-देश बचाओ' के नारे के साथ आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। महारैली में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ से कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने के लिए पहले विशेष ट्रेन की मांग की गई थी, लेकिन रेलवे से अपेक्षित व्यवस्था नहीं मिलने के बाद बसों का विकल्प चुना गया। अब पार्टी सड़क मार्ग से कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इस फैसले के बाद बसों की बुकिंग, यात्रा मार्ग और कार्यकर्ताओं के समन्वय की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो गई है।
केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की तैयारियां चल रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश से 156 बसों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा झारखंड से भी बसों के जरिए कार्यकर्ताओं को भेजने की तैयारी है। तेलंगाना और कर्नाटक से विशेष बसों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन राज्यों में भी विशेष ट्रेन की मांग पूरी नहीं होने के कारण सड़क परिवहन को प्राथमिकता दी गई है। अलग-अलग राज्यों से बसों के माध्यम से दिल्ली पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या महारैली की कुल उपस्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दिल्ली का रामलीला मैदान लंबे समय से बड़े राजनीतिक आयोजनों और जनसभाओं का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को पार्टी के संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की रणनीति के जरिए कांग्रेस अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश करेगी।
महारैली से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस की तैयारियों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। राज्य से 5 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य संगठन के लिए बड़ी व्यवस्थागत चुनौती है। लंबी दूरी की यात्रा, वाहनों की उपलब्धता, कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और समय पर दिल्ली पहुंचने जैसे पहलुओं पर समन्वय आवश्यक होगा। कांग्रेस की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली में पार्टी नेतृत्व क्या राजनीतिक संदेश देता है और किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल 1 नवंबर के आयोजन को लेकर छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में तैयारियां तेज हैं। महारैली में वास्तविक भागीदारी और अंतिम परिवहन व्यवस्था की तस्वीर कार्यक्रम के दिन स्पष्ट होगी।
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