छत्तीसगढ़

अफीम के बहाने कांग्रेसी कर रहे रुदाली

Nilmani Pal
8 March 2026 11:16 AM IST
अफीम के बहाने कांग्रेसी कर रहे रुदाली
x

नशे की सियासत कर रही कांग्रेस: छुटभैय्या कांग्रेसी पूरे प्रदेश में 2017 से गांजा और नशे के सामग्री के कारोबार में शामिल

विगत दो सालों में पुलिस ने प्रदेश में गांजा-सिरप और नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई की

राजनीतिक फायदे के लिए विनायक ताम्रकार ने सरकार को बदनाम करने रचा षड्यंत्र

राजनीतिक दलों में घुसपैठ कर दुर्ग को मंदसौर बनाने की साजिश

पूरे प्रदेश में छुटभैय्ये नेता नाड़ा पैजामा छाप कांग्रेसी नशे के कारोबार में लिप्त

2017 से अभी तक सबसे ज्यादा नशे के सामानों की जब्ती और गिरफ्तारी 2024-26 के बीच में

सरकार को बदनाम करने की साजिश अभी भी प्रदेश के छुटभैय्या नेताओं ने नशे के धंधे को बंद नहीं किया

ओडिशा का गांजा सप्लाई का मुख्य केंद्र बना छत्तीसगढ़, छुटभैय्या नेता करते हैं दलाली

दुर्ग/रायपुर (जसेरि)। नशीले पदार्थ की तस्करी और स्कूलों के आसपास गुटखा त बाखू बिकने वाले प्रतिबंधित सामग्री का उत्पादन करने वाले और बाजार में खपाने वाले गिरोह के खिलाफ जनता से रिश्ता लगातार पिछले 12 वर्षो से अभियान चलाए हुए है। जनता से रि़श्ता ने गांजा, अफीम, चरस, चिट्टा की तस्करी से जुड़े तमाम रसूखदारों के खिलाफ प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कर पुलिस प्रशासन के संज्ञान में लाते रहा है। गांजा, चरस, अफीम को छत्तसीगढ़ में लाने वाले तमाम रसूखदारों के नामों को जनता से रिश्ता लगातार प्रकाशित कर समाज में जनजागरण अभियान चलाते आ रहा है। जिसके फलस्वरूप पुिलस जनता से रिश्ता की खबरों से संज्ञान लेकर लगातार कार्रवाई कर नशे के सौदागरों के हौसले पस्त कर दी है। हाल ही में एनसीबी औऱ पुलिस ने जिस नेता के खेत में अफीम की खेती करते पकड़ा है वो कांग्रेस के बड़े नेताओं से अपने राजनीतिक पैठ को पु ता कर दुर्ग की राजनीति में भी सीधा हस्तक्षेप रहा है। बाद में समय के सात मौका परस्ती का फायदा उठाकर कांग्रेस से भाजपा में शामिल होकर दोहरा फायदा उठाया। एक और अन्य ताम्रकार परिवार दुर्ग जिले में पुराना पुस्तैनी चर्चित कांग्रेस परिवार भी है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि गांव के बच्चों ने अफीम की खेती का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि दस एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। खेत मालिक भाजपा नेता रसूखदार है और उसका विधायक- सांसद सहित बड़े नेताओं के साथ उठना-बैठना है। पूर्व सीएम ने कहा कि गांव-गांव नशे की गिर त में हैं और नशे के कारोबार पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वो इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे।

इससे परे, पुलिस ने आरोपी भाजपा नेता को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में नेशनल नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) भी शामिल हो गई है। एनसीबी की टीम शनिवार को समोदा पहुंची, और अफीम के पौधों की गिनती की। सूत्रों के मुताबिक एनसीबी की टीम भी आरोपी भाजपा नेता से पूछताछ करेगी। इधर, अपने खेत में अफीम की खेती करने वाले विनायक ताम्रकार को भाजपा ने पार्टी से निलंबित कर दिया है। विनायक, पार्टी के राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प का प्रदेश संयोजक था। पार्टी ने कहा कि विनायक का यह कृत्य अनुशासनहीन और छवि धूमिल करने वाला है।

बता दें कि पुलिस ने कल ही दुर्ग में शिवनाथ नदी पार समोदा में विनायक की खेत में नौ एकड़ में अफीम की फसल को बरामद किया था। यह अफीम, मक्के की फसल के बीच लगाया था। इस मामले में विनायक का बेटा भी शामिल है। फिलहाल विनायक पुलिस हिरासत में है। बताया गया है कि जमीन लीज पर लेकर अफीम की खेती करने की सूचना पर शुक्रवार को पुलिस समोदा पहुंची। वहां अफीम की खेती देख पुलिस भी सकते में आ गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके साथ फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री की विशेष टीम भी पहुंची थी। कहा जा रहा है कि अफीम के पौधों पर चीरे लगे हुए थे, इससे मादक पदार्थ निकाला जा रहा था। पुलिस के आला अधिकारी इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती देखकर हैरान रह गए। खेत के मालिकाना हक की जांच के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को तुरंत बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक जांच में खुलासा हुआ कि जमीन किसी प्रीति बाला और मधुबाला ताम्रकार के नाम पर दर्ज है। जो कि आरोपी भाजपा नेता की बहन बताई जा रही है। मौके पर मौजूद एफ एस एल टीम ने तत्काल केमिकल टेस्ट किया और पुष्टि की कि इन पौधों में मार्फिन कंपाउंड मौजूद है वही घातक पदार्थ जो हेरोइन जैसे नशीले ड्रग्स का आधार बनता है। बहरहाल, जांच में ड्रग्स के कारोबार को लेकर नये खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

मक्के की फसल के बीच की जा रही थी अफीम की खेती : पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह जमीन मधुबाला और मधुमति ताम्रकार के नाम पर दर्ज है। दोनों भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की चचेरी बहनें बताई जा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 10.72 एकड़ जमीन में से करीब 6.28 एकड़ भूमि पर खेती की जा रही थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि अफीम के पौधे मक्के की फसल के बीच में लगाए गए थे ताकि खेती को छिपाया जा सके। पुलिस ने इस मामले में मधुबाला और मधुमति ताम्रकार को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं पुलिस हिरासत में लिए गए विनायक ताम्रकार और विकास विश्नोई से भी पूछताछ कर रही है।

जमीन लीज पर लेकर की जा रही थी खेती : पूछताछ के दौरान विकास विश्नोई ने पुलिस को बताया कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही है, उसे राजस्थान के जोधपुर निवासी आचल दास ने रेग (लीज) पर लिया था। पुलिस को यह भी जानकारी दी गई कि आचल दास फिलहाल होली का त्योहार मनाने अपने गांव गया हुआ है। विकास विश्नोई पिछले करीब चार साल से समोदा गांव में रह रहा है। उसने विनायक ताम्रकार की लगभग 13 एकड़ जमीन को रेग पर लिया हुआ है, जहां वह कपास की खेती कर रहा है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

बच्चों की वजह से हुआ खुलासा : समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की खेत में अफीम की अवैध खेती की चर्चा पूरे प्रदेश में है। चाहे वह सत्ता पक्ष के नेता-कार्यकर्ता हों, या फिर विपक्ष के नेता-कार्यकर्ता, या फिर आमजन सभी प्रदेश में पहली बार सामने आई अफीम की खेती को लेकर चर्चा कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मामले का खुलासा समोदा गांव के चंद चंचल-चपल बच्चों की वजह से हुआ। गांव वाले बताते हैं कि होलिका दहन के लिए गांव के बच्चे घूम-घूमकर लकड़ी इक_ा कर रहे थे। इस दौरान नदी किनारे स्थित विनायक ताम्रकार की खेत में चनाबूट लगे होने उ मीद से घुस गए। चनाबूट तो नहीं मिला, लेकिन मक्के की फसल के बीच अफीम के अनोखे बीज ने बच्चों को सहज ही आकर्षित किया। पहली बार अफीम की फसल को देख रहे बच्चों ने चंद कच्चे-पक्के फल तोडक़र खेत से बाहर निकल गए। बाद में बच्चों ने फल ग्रामीणों को दिखाया।

ग्रामीण भी फल देखकर अचंभित हुए, इंटरनेट पर फोटो के जरिए सर्च किया, जिसमें अफीम होने की पुष्टि हुई। इस बात की जानकारी सरपंच अरुण गौतम को हुई, और उन्होंने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस की छापेमारी में प्रदेश में पहली अफीम की अवैध खेती का खुलासा हुआ। इसके बाद सियासी रंग चढ़ गया। हालांकि, अभी मामले में खेती करने वाले दो राजस्थान के रहवासियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, लेकिन जल्द ही बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उ मीद जताई जा रही है।

कंटेनर में कपास के बीच हुआ था अफीम का परिवहन : जानकार बताते हैं कि विनायक ताम्रकार के खेतों में होली के एक दिन पहले खेत में एक कंटेनर पहुंचा था, जिसमें कपास के बीच में अफीम के बीजों का परिवहन किया गया था। कपास की वह फसल है, जिसकी खेती के लिए राजस्थान के लोगों को बुलाने की बात कही जा रही है। अब यह अफीम कंटेनर में रुई के बीच कहां परिवहन किया गया, इसका जवाब हिरासत में लिए गए संदेहियों से पूछताछ के बाद होगा। लेकिन 9 एकड़ में स्वाभाविक तौर पर अफीम की अच्छी-खासी खेती होती होगी, जिसके हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ में तब्दील करने के लिए आस-पास के क्षेत्र में जरूर कारखाना भी होगा।

खेतों की सुरक्षा के लिए लगाए गए थे बाउंसर : जानकार बताते हैं कि खेतों में फसल की सुरक्षा के लिए बाउंसर लगाए गए थे। सुनने में यह बात अटपटी लग सकती है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वाकई में ऐसा था। और यदि बात अफीम की खेती की हो तो यह तर्कसंगत लगने लगता है। बताया जा रहा है कि जिन दिन बच्चे खेत में घुसे थे, उस दिन ग्रामीणों ने गोली चलने की आवाज भी सुनी गई थी। आशंका जताई जा रही है कि बाउंसरों ने बच्चों को डराने के लिए फायरिंग की होगी। ये बाउंसर पुलिस के खेतों में घुसने से पहले ही गधे के सिर से सिंग की तरह मौके से गायब हो गए।

पुलिस की जांच पर अब लोगों की लगी निगाहें : दुर्ग पुलिस के लिए अफीम की खेती की जांच एक चुनौती की तरह है। अफीम का यह कारोबार केवल समोदा के खेतों तक ही सीमित नहीं है। जानकार मानते हैं कि अफीम से हेरोइन तक का सफर दुर्ग जिले के भीतर तक सीमित नहीं हो सकता है। इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क होगा। भाजपा नेता के मामले से तार जुडऩे से एक अलग एंगल है। भले ही पार्टी का कोई संबंध न हो, लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा नेता ने जरूरी अपनी पहुंच का फायदा उठाया होगा। पुलिस की जांच समोदा के खेतों से बाहर निकलकर जहां तक जाए, एक नई जानकारी लेकर सामने आएगा।

पूर्व सीएम ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप : मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस खेत में अफीम की खेती की जा रही है, वह भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की जमीन बताई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जिले में पहली बार इस तरह की अफीम की खेती सामने आई है और यह जांच का विषय है कि यह खेती कब से की जा रही थी। भूपेश बघेल ने कहा कि अफीम से डोडा, ब्राउन शुगर और चिट्टा जैसे नशीले पदार्थ बनाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में राज्य में चिट्टा के कारोबार में तेजी आई है और इस मामले में करीब 800 लोग जेल में हैं।

विनायक ताम्रकर को भाजपा ने पार्टी से निकाला : दुर्ग जिले में अफीम की खेती करते पकड़े जाने पर भाजपा नेता विनायक ताम्रकर निलंबित कर दिया है। पार्टी की छवि धूमिल करने के मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। विनायक ताम्रकर राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक थे। प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मारकण्डेय ने निलंबन का आदेश जारी किया है।

Next Story