छत्तीसगढ़

जिले के भाड़ी गांव में डायरिया की शिकायत, कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

Shantanu Roy
3 Oct 2025 11:55 PM IST
जिले के भाड़ी गांव में डायरिया की शिकायत, कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
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Surajpur. सूरजपुर। जिले के ओड़गी तहसील अंतर्गत ग्राम भाड़ी में डायरिया फैलने की शिकायत प्राप्त होने पर प्रशासन तुरंत हरकत में आया। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर तहसीलदार ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों द्वारा बीमारी की शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन ने अलर्ट मोड में काम करना शुरू कर दिया और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी किए। ग्राम भाड़ी में लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कई घरों में दस्त और उल्टी की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर इसे डायरिया का प्रकोप माना जा रहा है। प्रशासन को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, कलेक्टर ने तत्काल तहसीलदार को मौके पर भेजा। तहसीलदार ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, पंचायत प्रतिनिधियों और पीएचई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में प्रभावित क्षेत्र में शीघ्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, पीने के पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने और व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गांव में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, मरीजों की पहचान कर उन्हें उचित दवाएं उपलब्ध कराई जाएं और गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाए। इसके साथ ही कलेक्टर ने पीएचई विभाग को गांव में उपलब्ध पेयजल स्रोतों की जांच करने, क्लोरीनेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रत्येक घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को उबालकर पानी पीने, खुले में शौच न करने और व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करने के लिए जागरूक करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है और दवाएं बांटी जा रही हैं। साथ ही ग्रामीणों को डायरिया से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल है। गांव के लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अक्सर जलजनित बीमारियां फैलती हैं। इस बार भी संभवतः दूषित पानी के सेवन से डायरिया फैला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि स्थायी रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो। कलेक्टर एस. जयवर्धन ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित क्षेत्र में हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव में नियमित निगरानी की जाए और किसी भी नए मरीज की सूचना तुरंत दर्ज कर तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए।

डायरिया जैसी संक्रामक बीमारी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा मामला मानते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि बच्चों और अभिभावकों को बीमारी से बचाव के तरीकों की जानकारी दी जा सके। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता और शुद्ध पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया से फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन लंबे समय तक इस समस्या से निपटने के लिए स्थायी समाधान जरूरी होगा।
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