छत्तीसगढ़

पटवारी के खिलाफ जांच के लिए समिति गठित, हेराफेरी का मामला

Nil dhankar
15 May 2024 12:39 PM IST
पटवारी के खिलाफ जांच के लिए समिति गठित, हेराफेरी का मामला
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बिलासपुर। बिलासपुर में करोड़ों रुपए के जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले तत्कालीन पटवारी कौशल यादव की मुश्किलें बढ़ गई है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निर्देश पर कलेक्टर ने जांच के लिए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति 10 बिंदुओं पर जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। वहीं, अन्य शिकायतों के आधार पर पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर को अनुशंसा भी की गई है। पटवारी अभी जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ है।

दरअसल, सरकंडा क्षेत्र के बिजौर में पदस्थ तत्कालीन पटवारी कौशल यादव पर मोपका में पोस्टिंग के दौरान फर्जी तरीके से नामांतरण करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। चार एकड़ जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण कराया गया। इस दौरान तहसीलदार नारायण गबेल थे और पटवारी कौशल यादव था। तत्कालीन तहसीलदार गबेल ने नामांतरण के इस आवेदन को खारिज कर दिया था।

नामांतरण के आवेदन को तहसीलदार की ओर से खारिज करने के बाद पटवारी और डायवर्सन प्रभारी ने बगैर सील के अज्ञात व्यक्ति से हस्ताक्षर कराकर नामांतरण कर दिया था। बाद में पता चला कि अतिरिक्त तहसीलदार का फर्जी हस्ताक्षर किया गया है, जिसमें सील भी नहीं लगा है। इस मामले की शिकायत अधिवक्ता प्रकाश सिंह ने कलेक्टर से की थी। तब तत्कालीन कलेक्टर सारांश मित्तर ने भू-अभिलेख अधीक्षक को जिला कार्यालय से हटाकर बेलगहना में पदस्थ कर दिया था। साथ ही SDM को जांच के आदेश भी दिए थे। इस मामले में पटवारी को सस्पेंड भी किया गया था।

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