छत्तीसगढ़

प्लेसमेंट के नाम पर कमीशनखोरी CGMSC में अब नया खेल

jantaserishta.com
17 Aug 2026 11:49 AM IST
प्लेसमेंट के नाम पर कमीशनखोरी CGMSC में अब नया खेल
x
विभाग और सरकार को बदनाम कर रहे कमीशनखोर अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री संज्ञान ले
राज्य सरकार की जनोपयोगी सेवाओं में कमीशन खोरी, दलाली और जमकर भ्रष्टाचार, सरकार को बदनाम करने की नियत से
सीजीएमएससी के एमडी आईएएस रितेश अग्रवाल सरकार और विभागीय मंत्री से ऊपर समझ रहे
प्रदेश में अस्पतालों की दयनीय स्थिति व्हीलचेयर से लेकर आपरेशन थिएटर बने कबाड़
छत्तीसगढ़ में गरीब आदिवासी प्रदेश में सभी जिलों में दवाईयों का अभाव यहां तक की जीवनोपयोगी जरूरी दवाई और टीका भी उपलब्ध नहीं
रायपुर (जसेरि)। प्लेस्मेंट कर्मचारियों की भर्ती के नाम से अब सीजीएमएससी में कमीशनखोरी का नया खेल उजागर हुआ है। देखा जा रहा है कि कई विभागों में प्लेसमेंट और कौशल विकास प्रशिक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा चरम पर है क्योकि सरकार द्वारा अभी सीधी भर्ती या परमानेंट भर्ती नहीं की जा रही है जिसका फायदा अधिकारी कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि जब जब नया अधिकारी विभाग में आते हैं और यदि जगह में प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती हुई होगी तो अधिकारी की बल्ले बल्ले हो जाती है। उनका खेल करने का नया तरीका ये है कि पुराने सभी कर्मचारियों को छटनी के नाम पर नौकरी से निकाल देते हैं और उसके जगह नयी भर्ती करते है जो उनके अपने आदमी होते हैं या जो पैसा दिया हो वे लोग होते हैं। यही काम अब सीजीएमएससी के अधिकारी कर रहे है। जिन कर्मचारियों को मेन पावर एजेंसियों के माध्यम से काम पर रखा गया है उनसे मोटी कमीशन लेते हैं और अपने खासमखास लोगों को मोटी तन वाह देकर मनमाने तरीके से रख लिए हैं। यहां मेनपॉवर के लोगों को नियम विरुद्ध तरीके से उन्हें अपग्रेड कर जयादा वेतन पर रखकर कमीशनखोरी किया जा रहा है। जिसका पूरा जि मा एडमिन के प्रमुख उज्जवल पोरवाल के पास है। इस तरीके से हर महीने शासन को करोडो रूपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यह भी देखा गया है की कुछ माह पूर्व नए अध्यक्ष के आने के बाद रिनोवेशन व शपथ ग्रहण समारोह में भी करोड़ों रूपये गलत तरीके से खर्च किया गया और जमकर कमीशनखोरी की गई जिसकी भी निष्पक्षता से यदि जांच की जाये तो भ्रष्टाचार उजागर हो जायेगा। भ्रस्टाचार की नाव यहीं नहीं रुकती। बल्कि आगे बढ़ते हुए नए मोड़ पर रुकती है जहां सीजीएमएससी 11.50 लाख प्रतिमाह की दर से मंडी बोर्ड में नया कार्यालय लिया गया है जिसमे साज सज्जा के नाम पर करोडों रूपये फूंक दिए और उसमे भी भारीभरकम कमीशन लिया गया। इसके आलावा सीजीएमएससी के अधिकारियों और नेताओ के घर काम करने के लिए भी सीजीएमएससी के माध्यम से ही कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है जिसमे भी खुलकर भ्रस्टाचार किया जा रहा है। शासन को चाहिए ऐसे एजेंसियों पर पाबंदी लगाकर करोड़ों का भुगतान रोक देना चाहिए। कमीशन लेकर कुछ प्लेसमेंट एजेंसियों को सीजीएमएससी के अधिकारियो द्वारा फंड भी रिलीज कर दिया जाता है। जांच करें तो पता चलेगा कि कई युवाओं को सिर्फ कागज पर भुगतान किया जा रहा है। यह पूरा खेल मु यालय में संविदा और प्रतिनियुक्ति में बैठे अधिकारी कर्मचारियों द्वारा खेला जा रहा है।
कई वर्षों पहले समाप्त हो चुकी है प्रतिनियुक्ति और संविदा: विभाग में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जिनकी प्रतिनियुक्ति दो से तीन वर्ष पहले ही समाप्त हो चुकी है। उनकी शिकायत मंत्री से लेकर विभाग के सीईओ तक हुई है। इस पूरी गड़बड़ी का खेल इन्हीं अधिकारियों द्वारा खेला जा रहा है। मगर मंत्री और उच्च अधिकारी भी खामोश हैं।
कई विभागों में भी भर्ती: सीजीएमएससी के अलावा नगरीय निकाय, श्रम विभाग व अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग में भी आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती हुई है। वहां भी नए सीईओ के आने के बाद वे अपनी पसंद और अपने लोगो को भर्ती करवाना चाहते हैं क्योकि उनसे मोटी रकम ले चुके होते हैं। देखा जाये तो कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
ऐसे की गई थी गड़बड़ियां: सीजीएमएससी के रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव समेत कुछ और जिलों के द तरों में भी भर्ती यहीं से होती है। जो प्लेसमेंट एजेंसियों के द्वारा की जाती है। उनके कार्यालय, स्टॉफ इन्ही कंपनी के जरिए रखी जाती है। और कमीशन के रूप में उगाही की जाती है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story