छत्तीसगढ़
कोरबा में शिक्षक बने कलेक्टर, बच्चों से हल कराए गणित के सवाल
Shubhra Nandy
31 Oct 2026 7:19 AM IST

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2 शिक्षकों पर एक्शन के निर्देश
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कलेक्टर कुणाल दुदावत का एक अलग अंदाज देखने को मिला। सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर खुद शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखकर बच्चों से हल करवाए और अंग्रेजी के पाठ पढ़वाकर उनका हिंदी में अनुवाद भी कराया। इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई, स्कूल की सुविधाओं और जरूरतों के बारे में बातचीत की। निरीक्षण में बिना सक्षम अनुमति के अनुपस्थित पाए गए दो शिक्षकों को नोटिस जारी करने और आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
ब्लैकबोर्ड पर लिखे सवाल
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्राम तरदा और सराईसिंगार स्थित प्राथमिक शालाओं एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों, बच्चों की उपस्थिति, भोजन व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों में आवश्यक निर्माण, मरम्मत और सुविधाओं से जुड़े कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। प्राथमिक शाला तरदा और सराईसिंगार में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सीधे कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का स्तर समझने के लिए ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखे और विद्यार्थियों से उनके उत्तर पूछे। सही उत्तर देने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से अंग्रेजी के पाठ भी पढ़वाए। इसके बाद उनसे अंग्रेजी वाक्यों का हिंदी में अर्थ और अनुवाद करवाया, ताकि बच्चों की पढ़ने, समझने और भाषा संबंधी क्षमता की जानकारी मिल सके।
सराईसिंगार प्राथमिक शाला की कक्षा पांचवीं में कलेक्टर बच्चों के बीच बैठ गए और उनसे आत्मीयता के साथ बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि उन्हें पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है और विद्यालय में कौन-कौन सी सुविधाओं की आवश्यकता है। कलेक्टर ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित विद्यालय आने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोनों विद्यालयों में दर्ज विद्यार्थियों और उपस्थित बच्चों की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने गणवेश तथा पाठ्यपुस्तकों के वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। इसके साथ ही सुबह के नाश्ते और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को पढ़ाते समय उनकी समझ के स्तर का विशेष ध्यान रखा जाए। तरदा प्राथमिक शाला की शिक्षिका को निर्देश दिए गए कि अंग्रेजी के पाठ पढ़ाते समय बच्चों को उनका हिंदी अर्थ और अनुवाद भी सरल भाषा में समझाया जाए। इससे विद्यार्थियों को विषयवस्तु समझने में आसानी होगी। तरदा प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने विद्यालय भवन से लगे पुराने आंगनबाड़ी भवन को शीघ्र डिस्मेंटल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नए शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, किचन शेड के शेष कार्य को जल्द पूरा कराने तथा बाउंड्रीवाल की मरम्मत कराने को कहा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों को पढ़ाई के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। सराईसिंगार प्राथमिक शाला में निरीक्षण के दौरान बच्चों ने कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं भी रखीं। विद्यार्थियों ने विद्यालय में शौचालय, किचन, खेल सामग्री और फर्नीचर जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया। कलेक्टर ने बच्चों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा कराने का आश्वासन दिया।
दो शिक्षकों को नोटिस के निर्देश
उन्होंने विद्यालय में जरूरी मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, रंगरोगन और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही कक्षाओं में पर्याप्त ट्यूबलाइट और पंखों की व्यवस्था करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक बिना सक्षम अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दोनों शिक्षकों के विरुद्ध नोटिस जारी करने तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
प्राथमिक शालाओं के साथ कलेक्टर ने तरदा और सराईसिंगार के स्कूल परिसरों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों में दर्ज और उपस्थित बच्चों की संख्या, उपलब्ध सुविधाओं तथा दैनिक गतिविधियों के संचालन की जानकारी ली। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की देखभाल, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए सुविधाओं में सुधार किया जाए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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