छत्तीसगढ़
रिटायरमेंट पर कलेक्टर ने कही दिल छू लेने वाली बात; 16 कर्मचारियों को किया सम्मान
Shubhra Nandy
3 Nov 2026 7:21 AM IST

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बस्तर
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अक्टूबर माह में शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए 16 अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में सोमवार को जिला कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा ने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को शॉल, श्रीफल और पेंशन प्राधिकार पत्र (पीपीओ) प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सभी के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई ऊर्जा और संभावनाओं से भरी दूसरी पारी की शुरुआत है। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी सेवा में 30 से 40 वर्षों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। शासकीय सेवा के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न नियमों, प्रक्रियाओं तथा जनअपेक्षाओं के बीच अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय तक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने वाले कर्मचारी सम्मान के पात्र हैं।
कलेक्टर बोले- रिटायरमेंट के बाद शुरू होती है जिंदगी की दूसरी पारी
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति को जीवन की सक्रियता समाप्त होने के रूप में नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा के दौरान लगातार कामकाज और जिम्मेदारियों के कारण कर्मचारियों को अपने परिवार, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत रुचियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें इन सभी पहलुओं पर ध्यान देने का अवसर मिलता है। कलेक्टर ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने, स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और अपनी पसंद की गतिविधियों में सक्रिय रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लंबे सेवाकाल में अर्जित ज्ञान और अनुभव समाज के लिए अमूल्य संपत्ति है। इसलिए सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को अपने आसपास के नागरिकों और युवाओं को मार्गदर्शन देते रहना चाहिए।
बस्तर के विकास में कर्मचारियों का योगदान हमेशा याद रहेगा
कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर जिले के समग्र विकास में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने, नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण होता है। कई दशकों तक सेवा देने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपने अनुभव के माध्यम से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में योगदान देते हैं। उनका यह अनुभव सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के लिए उपयोगी बना रहता है।
कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही मिल रहा पीपीओ
सम्मान समारोह के दौरान कलेक्टर ने जिला कोषालय की कार्यप्रणाली की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बताया कि बस्तर जिले में सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय कर्मचारियों के पेंशन और अन्य स्वत्वों के प्रकरणों को समय पर तैयार करने के लिए नियमित समीक्षा की जाती है। कलेक्टर के अनुसार जिले में लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामलों में सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन भुगतान आदेश यानी पीपीओ और संबंधित लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नियमित समय-सीमा की बैठकों में पेंशन, सामान्य भविष्य निधि यानी जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य देयकों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लंबे समय तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने वैधानिक लाभों के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
39 साल की सेवा का अनुभव साझा
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए। सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल ने अपने 39 वर्षों के शासकीय सेवाकाल को याद करते हुए बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, नवोदय विद्यालय चयन, राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) और बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में आए सकारात्मक बदलावों में जिला प्रशासन का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के अवसर पर इस तरह का सम्मान प्राप्त होना पूरे सेवाकाल की मेहनत को सार्थक बना देता है।
शॉल, श्रीफल और पेंशन पत्र देकर किया सम्मानित
समारोह के दौरान अक्टूबर माह में सेवानिवृत्त हुए सभी 16 अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर आकाश छिकारा ने उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट करने के साथ पेंशन प्राधिकार पत्र भी प्रदान किए। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कर्मचारियों की वर्षों की सेवाओं और प्रशासनिक योगदान को याद किया गया। सम्मान समारोह का उद्देश्य सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करना और उनके जीवन के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं देना था।
वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारियों के परिजन रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी अनिल कुमार पाठक सहित जिला कोषालय के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेवाकाल को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की। कलेक्टर आकाश छिकारा ने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासकीय सेवा भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन उनके अनुभव और ज्ञान का महत्व हमेशा बना रहेगा। वे समाज और नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
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