छत्तीसगढ़

बिलासपुर कॉलेज में महिला उत्पीड़न की शिकायत कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

Shantanu Roy
4 Sept 2026 8:48 PM IST
बिलासपुर कॉलेज में महिला उत्पीड़न की शिकायत कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
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Bilaspur. बिलासपुर। शहर के नलिनी प्रभा देव प्रसाद राय (एनडीआर) कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सरकंडा में कार्यस्थल पर महिलाओं के मानसिक, शारीरिक और लैंगिक उत्पीड़न से जुड़ी शिकायत का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रबंधन और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को पोश एक्ट 2013 के तहत निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने भी जांच के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, महिला जागृति सहायता समूह की ओर से 10 अगस्त को इस संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत में कॉलेज के संस्था सचिव डीके राय पर महिला शिक्षिकाओं और प्राध्यापिकाओं के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार, अपमानजनक टिप्पणियां और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि संस्था सचिव द्वारा महिला कर्मचारियों के निजी जीवन को लेकर सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं और उन्हें अन्य लोगों के सामने अपमानित किया जाता था। इसके अलावा महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार और कार्यस्थल पर असहज माहौल बनाने की शिकायत भी की गई है।
महिला जागृति सहायता समूह की शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित तरीके से स्पर्श करने, बिना उचित नियुक्ति प्रक्रिया और नियमित वेतन के लंबे समय तक कार्य कराने तथा अचानक नौकरी से हटाने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शासकीय अवकाश के दिनों में भी कर्मचारियों को बुलाया जाता था और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। वहीं मामले की शिकायत करने वाली महिलाओं को संस्था के खिलाफ कहीं भी शिकायत नहीं करने के लिए दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बिलासपुर ने कॉलेज के प्राचार्य और आंतरिक शिकायत समिति को पोश एक्ट 2013 के प्रावधानों के तहत जांच करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं की पहचान और गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। मामले से जुड़े अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जांच प्रक्रिया के दौरान पीड़ित महिलाओं की निजता प्रभावित न हो।
बताया जा रहा है कि संस्था सचिव के खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें सामने आ चुकी हैं और कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन बताए जा रहे हैं। हालांकि, वर्तमान शिकायत के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कलेक्टर के निर्देश के बाद जांच कमेटी गठित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब जांच समिति शिकायतों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। प्रशासन का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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