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Gariaband. गरियाबंद। कलेक्टर बी.एस. उइके एवं पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के समस्त अशासकीय (निजी) विद्यालयों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में फीस वृद्धि, आरटीई के तहत प्रवेश, पुस्तक एवं गणवेश व्यवस्था, विद्यार्थियों की सुरक्षा, अपार आईडी तथा परिवहन नियमों को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर उइके ने कहा कि किसी भी स्कूल द्वारा बिना अनुमति मनमानी शुल्क वृद्धि करना नियम विरुद्ध है। किसी भी स्कूल में विद्यार्थियों एवं पालकों से अनावश्यक फीस वसूली करने की शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन को अपनी पूरी फीस संरचना, पूर्व वर्षों की शुल्क सूची और सभी संबंधित अभिलेख समिति के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 के तहत प्रत्येक निजी विद्यालय में फीस विनियमन समिति का गठन अनिवार्य है। समिति की अनुशंसा के आधार पर ही फीस तय होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 8 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि की जा सकती है। इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय फीस समिति की अनुमति आवश्यक होगी। विद्यालयों में आरटीई के तहत पात्र बच्चों का प्रवेश अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अशासकीय विद्यालयों में एमबीयू एवं अपार आईडी की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी शत-प्रतिशत बनाई जाए और इससे कोई भी बच्चे वंचित न रहे, ताकि भविष्य में प्रवेश सहित अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में कोई समस्या न आए। कलेक्टर उइके ने निजी संस्थाओं द्वारा संचालित पुस्तक और गणवेश के संबंध में विद्यालयों को निर्देशित किया कि किसी विशेष दुकान से किताबें या रिफरेंस बुक खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव न डालें। एनसीईआरटी, सीबीएसई की निर्धारित पुस्तकों का ही उपयोग किया जाए। गणवेश बार-बार बदलने पर रोक लगाते हुए ऐसा कपड़ा चुनने को कहा गया जो बाजार में आसानी से उपलब्ध हो।
उन्होंने निजी विद्यालयों में सुरक्षा और आधारभूत सुविधाएं अनिवार्य बताते हुए स्कूल परिसर में खेल मैदान, स्वच्छ एवं हवादार कक्ष, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। फायर सेफ्टी ऑडिट, फायर इमरजेंसी व्यवस्था तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपाय अनिवार्य किए गए। स्कूल बसों के संबंध पर कलेक्टर ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित 16 बिंदुओं के फिटनेस मापदंड पूर्ण करने के बाद ही स्कूल बसों को संचालन की अनुमति दी जाएगी। यदि किसी भी स्थिति में मापदंडों के उल्लंघन की स्थिति पाई जाती है तो विद्यालय की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए। इन मापदंडों के पालन से बच्चों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही बसों में सीसीटीवी, खिड़कियों में जाली, इमरजेंसी एग्जिट, ड्राइवर एवं कंडक्टर की अनिवार्यता, वैध परमिट एवं वाहन फिटनेस सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक चंद्राकर ने कहा कि सभी संस्थाएं स्कूल वाहनों की जानकारी संबंधित थाना में दर्ज कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई स्कूलों में बस संचालन सीमित है, ऐसे में स्कूल वैन/छोटे चारपहिया वाहनों के ड्राइवरों की जानकारी संबंधित थाना में दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर सहित निजी संस्थाओं के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख उपस्थित थे।
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