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तैयारियां जोरों पर हैं.
बिलासपुरः छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकाय एक साथ कराए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर के साथ-साथ निर्वाचन आयोग तैयारी में जुट गई है। आरक्षण प्रक्रिया खत्म होने के बाद तारीखों को लेकर लगातार मंथन हो रही है। इसी बीच अब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 18 जनवरी के बाद कभी भी तारीखों का ऐलान हो सकता है।
दरअसल, प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव बुधवार को बिलासपुर जिले के दौरे पर थे। इस दौरान वे मीडिया से बात करते हुए कहा कि 18 जनवरी के बाद कभी भी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा हो सकती है। सरकार की मंशा है कि फरवरी में दोनों चुनाव एक साथ कर लें। सरकार की इस मंशा से चुनाव आयोग को भी अवगत करा दिया गया है। राज्य सरकार ने अपने जिम्मे का काम चुनाव की दृष्टि से पूरा कर लिया है। पदों के आरक्षण का काम पूरा हो गया है। आगे की कार्यवाही अब राज्य निर्वाचन आयोग को करनी है। फिलहाल मतदाता सूची के अंतिम प्रशासन की तिथि 18 जनवरी तक बढ़ाई गई है।
उन्होंने ओबीसी आरक्षण को लेकर कहा कि कांग्रेस पार्टी भ्रम फैलाने में माहिर है। आरक्षण को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरीके से भ्रम फैला रही है। राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय, संविधान और कानून का पालन करते हुए आरक्षण किया है। जब राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग हमने बनाया उस आयोग ने जो रिपोर्ट दी, उससे पहले अन्य राज्यों में जो कार्रवाई हुई, उसका भी इसमें अध्ययन किया गया। अधिकतम लाभ छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग को मिले इसका प्रयास हमारी सरकार ने किया है। इसलिए जो आरक्षण हुआ है, पूरी तरीके से संवैधानिक और नियमानुसार है। कोई न्यायालय गए हैं तो न्यायालय उसका परीक्षण करेगा।
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