छत्तीसगढ़
CM विष्णुदेव साय का कांग्रेस पर हमला, 60 साल का हिसाब मांगा
Shantanu Roy
23 Oct 2026 5:19 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय समाज के विकास और बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा जनजातीय समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखा और उसके वास्तविक विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जनजातीय समाज ने कांग्रेस से दूरी बना ली है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि लगभग 55 से 60 वर्षों तक देश में सत्ता में रहने के दौरान उसने जनजातीय समाज के जीवन में बदलाव लाने के लिए क्या किया।
मुरिया दरबार को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह प्रतिक्रिया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बस्तर प्रवास और मुरिया दरबार में प्रशासनिक तैयारियों को लेकर उठे विवाद के बीच दी। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक तैयारियों को परंपरागत आयोजन में दखलंदाजी बताया था। इसी संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने लंबे शासनकाल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए।
जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकारों और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के कल्याण को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में स्थान दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, रोजगार और सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं पर काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी विभिन्न विकास प्राधिकरणों और सरकारी योजनाओं के जरिए जनजातीय क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
बस्तर में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर को विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दूरस्थ गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास तेज हुए हैं और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार तथा आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास को बताया गौरव का अवसर
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुरिया दरबार में शामिल होने को छत्तीसगढ़ और बस्तर के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। राष्ट्रपति का 22 और 23 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ प्रवास निर्धारित था। इसके अंतर्गत 23 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित मुरिया दरबार में उनकी भागीदारी का कार्यक्रम रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक परंपराएं और जनजातीय विरासत प्रदेश की विशेष पहचान हैं। राष्ट्रपति की उपस्थिति से इन परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर है।
कांग्रेस अपने शासनकाल का हिसाब दे: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जनजातीय समाज पहले से अधिक जागरूक है और अपने विकास तथा अधिकारों से जुड़े मुद्दों को समझता है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए जनजातीय समाज का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को अपने लंबे शासनकाल की उपलब्धियां जनता के सामने रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के विस्तार के लिए प्रयास जारी रखेगी। मुरिया दरबार की प्रशासनिक तैयारियों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब जनजातीय विकास के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
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