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Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित “संवाद 2026” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर से सोलर सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ, उद्योगपति, निवेशक और अन्य हितधारक शामिल हुए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विस्तार, नई संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस संवाद में देशभर के सोलर क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख हितधारक शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दो दिनों तक सोलर एनर्जी को छत्तीसगढ़ में किस तरह आगे बढ़ाया जाए, इस विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
#WATCH रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा यहां 2 दिवसीय संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से सोलर सेक्टर के जितने भी हितधारक हैं, वो सब उपस्थित रहे...आज इसका समापन हो रहा है...इन दो दिनों में सोलर… https://t.co/qicTeAQh3u pic.twitter.com/IrAyv21rwN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 23, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और सौर ऊर्जा भविष्य की जरूरत बनती जा रही है। छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता और अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। सरकार प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। संवाद 2026 में सोलर सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने तकनीकी विकास, निवेश की संभावनाओं, नई परियोजनाओं और ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। कार्यक्रम में यह भी विचार किया गया कि किस तरह निजी क्षेत्र और सरकार के सहयोग से सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा न केवल बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर प्रदेश सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार लगातार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। सोलर परियोजनाओं के विस्तार से जहां बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, वहीं रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम में शामिल सोलर क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में उपलब्ध संभावनाओं पर अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी और इसके लिए बेहतर नीतियों, तकनीकी सहयोग और निवेश की आवश्यकता है। संवाद 2026 के माध्यम से सरकार और सोलर सेक्टर के बीच बेहतर समन्वय बनाने की दिशा में पहल की गई। आयोजन में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के विकास को लेकर कई सुझाव भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सौर ऊर्जा के विस्तार से प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
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