छत्तीसगढ़

PM आवास डिबेट पर CM साय बोले, विजय शर्मा को 10 में 10 भूपेश को 0

Shantanu Roy
15 Sept 2026 7:26 PM IST
PM आवास डिबेट पर CM साय बोले, विजय शर्मा को 10 में 10 भूपेश को 0
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच हुई खुली बहस के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पूरी डिबेट शुरू से अंत तक सुनी। उन्होंने विजय शर्मा के प्रदर्शन को 10 में से 10 नंबर देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लेकर कहा कि उन्हें 0/10 से ज्यादा नंबर नहीं मिल सकता था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, "हम पूरा डिबेट शुरू से लेकर अंत तक सुने। हमारे डिप्टी सीएम विजय शर्मा को हम 10 में 10 नंबर देंगे और पूर्व मुख्यमंत्री को 0/10 से ज्यादा नंबर नहीं मिल सकता था, वो उसी लायक हैं।"
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर मंगलवार को रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने आए। करीब एक घंटे 20 मिनट चली खुली बहस में दोनों नेताओं ने योजना को लेकर अपने-अपने आंकड़े पेश किए और एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए। दोनों नेताओं के बीच यह बहस पहले दी गई चुनौती के बाद तय हुई थी। रायपुर प्रेस क्लब से डिबेट का लाइव प्रसारण भी किया गया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर कुछ पत्रकारों की नाराजगी की बात भी सामने आई।
बहस के दौरान भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब सात लाख मकान बने। वहीं विजय शर्मा ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने 18 लाख आवास स्वीकृत किए हैं। विजय शर्मा ने केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण हुए हैं और इससे संबंधित आंकड़े भारत सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक प्रधानमंत्री आवास बनाए।



विजय शर्मा के मुताबिक पिछली सरकार के कार्यकाल में वित्तीय स्वीकृति के बावजूद बड़ी संख्या में आवास पूरे नहीं हुए। उन्होंने दावा किया कि पांच साल में वित्तीय स्वीकृति करीब 3,900 करोड़ रुपये की थी और कांग्रेस सरकार के दौरान करीब तीन लाख आवास पूरे किए गए। इसके मुकाबले भाजपा सरकार ने ढाई वर्ष में 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए। दूसरी तरफ भूपेश बघेल ने वर्षवार आंकड़े रखते हुए कहा कि 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए थे, जिनमें 1 लाख 39 हजार मकान पूरे हुए। उन्होंने कहा कि 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 आवास का लक्ष्य था और 1 लाख 22 हजार आवास पूरे किए गए।
बघेल ने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सरकारों के सामने वित्तीय संकट था। उन्होंने दावा किया कि 2022-23 में पोर्टल बंद कर दिया गया था और राज्य सरकार ने केंद्र से अपने हिस्से की राशि मांगने के लिए पत्राचार किया था। उन्होंने 2011 की जनगणना के आधार पर 18 लाख आवास शेष होने और अपनी सरकार द्वारा 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए जाने का दावा किया। विजय शर्मा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास का पोर्टल बंद नहीं था और कोरोना काल में भी पैसा आ रहा था। वहीं बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र से राशि जारी नहीं हुई और वास्तविक आंकड़ों की पड़ताल पत्रकार स्वयं कर सकते हैं।
बहस के बाद प्रेस क्लब के बाहर भी राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को प्रेस क्लब के अंदर जाने दिया गया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोका गया। बाद में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने हस्तक्षेप कर शांत कराया। प्रधानमंत्री आवास को लेकर दोनों नेताओं की बहस के बाद मुख्यमंत्री साय की 10/10 और 0/10 वाली प्रतिक्रिया ने इस राजनीतिक मुकाबले को नया मुद्दा दे दिया है।
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