छत्तीसगढ़
22 हजार फीट की ऊंचाई पर स्वदेशी MCPS के सफल परीक्षण पर CM साय ने दी बधाई
Shantanu Roy
26 Aug 2026 10:20 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। लद्दाख के न्योमा में करीब 22,000 फीट की ऊंचाई और माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तापमान में स्वदेशी मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (MCPS) के सफल परीक्षण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी जताई है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की बढ़ती रक्षा शक्ति और आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता का गौरवपूर्ण प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अत्यधिक ऊंचाई और कठिन मौसम परिस्थितियों के बीच स्वदेशी सैन्य तकनीक का सफल परीक्षण भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। लद्दाख जैसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में MCPS का परीक्षण देश की रक्षा तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम साय ने कहा कि पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारतीय सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह तकनीक देश की रक्षा प्रणाली को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
लद्दाख के न्योमा में -15°C तापमान और 22,000 फीट की ऊंचाई पर स्वदेशी मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (MCPS) का सफल परीक्षण भारत की बढ़ती रक्षा शक्ति और आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता का गौरवपूर्ण प्रमाण है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 26, 2026
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए DRDO के सभी वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को… pic.twitter.com/8wc213NXdZ
DRDO वैज्ञानिकों को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने MCPS के विकास और परीक्षण में योगदान देने वाले DRDO के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां देश के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की क्षमता तथा समर्पण को सामने लाती हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में आधुनिक सैन्य उपकरणों का सफल परीक्षण यह दिखाता है कि भारत अब अपनी रक्षा जरूरतों के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे रक्षा क्षेत्र में विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने और घरेलू क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक का विकास लगातार नई उपलब्धियों का रूप ले रहा है। उनके अनुसार सैन्य उपकरणों और प्रणालियों के देश में विकास से भारत की रणनीतिक और तकनीकी क्षमता मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि MCPS जैसी अत्याधुनिक प्रणाली का सफल परीक्षण केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है।
अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैनिकों के लिए उपयोगी प्रणालियों का स्वदेशी विकास देश की सुरक्षा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। लद्दाख के न्योमा में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हुए इस परीक्षण को रक्षा तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने उम्मीद जताई कि भारतीय वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ आगे भी इसी तरह नई तकनीकों और रक्षा प्रणालियों का विकास कर देश की सैन्य क्षमता को मजबूत करते रहेंगे।
Tagsविष्णुदेव सायलद्दाख न्योमाMCPS परीक्षणमिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टमDRDOस्वदेशी रक्षा तकनीक22000 फीट ऊंचाईमाइनस 15 डिग्री तापमानआत्मनिर्भर भारतभारतीय रक्षा शक्तिVishnudeo SaiNyoma (Ladakh)MCPS trialsMilitary Combat Parachute Systemindigenous defense technology22000-foot altitudeminus 15-degree temperatureAtmanirbhar BharatIndian defense prowess.
Next Story





