छत्तीसगढ़

CM साय का कांग्रेस पर हमला, बोले- हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रही पार्टी

Shantanu Roy
30 Sept 2026 7:19 PM IST
CM साय का कांग्रेस पर हमला, बोले- हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रही पार्टी
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Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी कथनी और करनी के कारण जनता का विश्वास खो चुकी है और इसी वजह से उसे लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में हार मिलने पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कांग्रेस के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि इसी चुनावी प्रक्रिया के जरिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के कई नेता सांसद और विधायक चुने जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब उन्हें चुनाव आयोग या चुनाव प्रक्रिया से कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन हार मिलने पर उसी व्यवस्था पर आरोप लगाए जाने लगते हैं।

सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी कथनी और करनी के कारण देश की जनता का भरोसा खो दिया है। जनता अब कांग्रेस पर पहले जैसा विश्वास नहीं करती और चुनाव परिणामों में भी इसका असर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक कमजोरियों और चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगें रखी हैं और इस मुद्दे पर आंदोलन की घोषणा भी की है। चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी प्रक्रियाओं को कानूनसम्मत बताया है।


इससे पहले भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि यदि किसी नेता को चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि उसी प्रक्रिया से मिली अपनी चुनावी जीत को वह किस तरह देखता है। भाजपा के अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस के आरोपों पर इसी तरह सवाल उठाए हैं। भाजपा का तर्क है कि विपक्ष उन चुनाव परिणामों को स्वीकार करता है जिनमें उसे सफलता मिलती है, लेकिन प्रतिकूल परिणाम आने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि उसके सवाल चुनावी नतीजों से नहीं, बल्कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर विचार करने और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से बचने की सलाह दी। चुनाव आयोग को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। कांग्रेस जहां चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक हार से जोड़कर देख रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।
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