छत्तीसगढ़

सीएम भूपेश का सपना होगा साकार: धान से एथेनाल बनाने के प्रोजेक्ट को केंद्र से मंजूरी

jantaserishta.com
20 Oct 2020 6:54 AM GMT
सीएम भूपेश का सपना होगा साकार: धान से एथेनाल बनाने के प्रोजेक्ट को केंद्र से मंजूरी
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भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की घोषणा

धान से एथेनाल बनाने के प्रोजेक्ट को केंद्र से मंजूरी

रायपुर (जसेरि)। सीएम भूपेश बघेल के धान से एथेनॉल बनाने के ड्रीम प्रोजेक्ट को अंतत: केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। केंद्र सरकार ने न केवल इस प्रोजेक्ट को माना है, बल्कि इसे लाभकारी भी बताया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में यह घोषणा की है कि धान से एथेनॉल फ्यूल बनाएंगे। इसमें 10 हजार करोड़ का निवेश होगा। इसका फायदा छत्तीसगढ़ को मिलेगा। सीएम भूपेश ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री की इस घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि धान से एथेनॉल बनाने की उनकी पहल को आखिरकार केंद्र सरकार ने सही मान लिया है और इस दिशा में संयंत्र लगाने के लिए राशि निवेश करने की बात कही है। सीएम भूपेश इस प्रोजेक्ट के लिए लगे हुए थे। शपथ ग्रहण के बाद सीएम भूपेश ने किसानों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए। इसमें कर्ज माफी, 2500 रुपए क्विंटल में धान खरीदी, सिंचाई कर की माफी आदि शामिल हैं। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना भी शुरू की है। छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर धान का उत्पादन होता है। धान से चावल के अतिरिक्त अन्य लाभकारी बाइ प्रोडक्ट तैयार करने के उद्देश्य से ही सीएम का फोकस बायो एथेनॉल पर था। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति में इसे शामिल करते हुए उद्यमियों को संयत्र लगाने के लिए कई रियायतों का प्रावधान भी किया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में धान से एथेनॉल बनाने के लिए चार निजी कंपनियों से एमओयू भी किया है। सीएम बघेल धान से एथेनॉल उत्पादन के संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्रालय और नीति आयोग को पत्र लिखकर बायो एथेनॉल उत्पादन की अनुमति के लिए लगातार प्रयासरत थे।

कृषि बिल: आम आदमी पार्टी का

पंजाब विधानसभा के अंदर प्रदर्शन

चंडीगढ़ (ए.)। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। पंजाब में राज्य सरकार द्वारा इस कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाना है, जिसके लिए विशेष सत्र शुरू हो गया है। सोमवार को यहां आम आदमी पार्टी ने विधानसभा के अंदर ही प्रदर्शन किया। ्र्रक्क का कहना है कि जो प्रस्ताव सदन में रखा जाना है, उसकी कॉपी नहीं दी गई है। आम आदमी पार्टी द्वारा बयान दिया गया है कि पंजाब सरकार किसानों के खिलाफ साजिश कर रही है और प्रस्ताव से जुड़ी जानकारियां साझा नहीं कर रही है। ्र्रक्कनेता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के लोगों और किसानों को धोखा देने के लिए जाने जाते हैं, पानी को लेकर जो एग्रीमेंट हुआ था, उसमें भी ऐसा ही हुआ था।

ऐसे में अब आम आदमी पार्टी की मांग है कि केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ जो प्रस्ताव आ रहा है, उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि किसानों की मुश्किलों का पता चल सके। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि अगर पूरा विपक्ष इसपर एकजुट है तो जानकारी क्यों छुपाई जा रही है। ऐसे में विपक्ष को साथ लेकर चलना चाहिए और प्रस्ताव की जानकारी दी जानी चाहिए।

आपको बता दें कि केंद्र ने हाल ही में कृषि से जुड़े तीन कानून पास किए हैं, जिनका सबसे अधिक विरोध पंजाब और हरियाणा में हो रहा है। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की बात कही है, सोमवार को विशेष सत्र शुरू हो गया है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के अलावा कई विपक्षी दल केंद्र के कानून का विरोध कर रहे हैं। जबकि कई किसान संगठन भी कानून के विरोध में लंबे वक्त से सड़कों पर ही हैं। पंजाब में किसानों द्वारा लगातार रेल रोको आंदोलन किया जा रहा है।

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