छत्तीसगढ़

सीएम भूपेश बघेल दोपहर 1.30 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

Nilmani Pal
7 Oct 2021 4:44 AM GMT
सीएम भूपेश बघेल दोपहर 1.30 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर 1.30 बजे राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 'राम वन गमन पर्यटन परिपथ' तथा माता कौशल्या मंदिर परिसर, चंदखुरी के जीर्णोंद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कार्य के लोकार्पण के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे।

भव्य होगा राम वन गमन पर्यटन परिपथ का उद्घाटन

चंदखुरी महोत्सव राम वन गमन पर्यटन परिपथ के भव्य उद्घाटन की तैयारी में नृत्य, संगीत, लेजर शो एवं एलईडी रौशनियों के माध्यम से राम के वनवास काल में छत्तीसगढ़ प्रवास के दृश्य जीवंत किए जाएंगे। मशहूर गायक-संगीतकार शंकर महादेवन बतौर मुख्य अतिथि समारोह में सम्मिलित होंगे। सुप्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री भारती बंधु, गायिका कविता वासनिक, श्रीराम गीतों के विश्वप्रसिद्ध मानस (भजन) मंडली नंदकुमार साहू, मुम्बई का फ्यूजन बैंड कबीर कैफे एवं गायिका सुकृति सेन भी समारोह में शामिल होंगीं। इसके साथ ही मुम्बई स्थित प्रसिद्ध एक्रोबेटिक नृत्य समूह 'वी अनबीटेबल' द्वारा राम जीवन आधारित विशेष नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।

ऐतिहासिक नगरी की बढ़ी रौनक

छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी चंदखुरी का वैभव फिर से लौट रहा है। यहां स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर को सौंदर्यीकरण से भव्य स्वरूप मिला है। इस नगरी में वैश्विक पर्यटन की दृष्टि से विकसित की जा रही सुविधाओं से इस ऐतिहासिक नगरी की रौनक आने वाले समय में बढ़ेगी। ऐसा माना जाता है कि रायपुर से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंदखुरी चंद्रवंशी राजाओं की नगरी रहा है और माता कौशल्या जन्मस्थली है। चंदखुरी नगरी 126 तालाबों को लिए अपनी विशेष पहचान रखती है, गांव में जलसेन तालाब के बीच माता कौशल्या का प्राचीनतम मंदिर है, जो दुनियाभर में भगवान राम की मां का इकलौता मंदिर है, मंदिर में विराजित प्रतिमा के रूप में भगवान श्रीराम बालस्वरूप में अपनी माता कौशल्या की गोद में विराजमान हैं। चंदखुरी कौशल्या मंदिर एवं परिसर का 15 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जो पूर्णतः की ओर है। मंदिर के विशेष आकर्षण में शिव और नंदी की विशाल प्रतिमा, द्वीप के द्वार पर हनुमान की मूर्ति, दशरथ दरबार, सुषेण की समाधि दर्शनीय है। यहां मनोकामना वृक्ष में लोग नारियल एवं मौली धागा बांधकर मनोकामना मांगते हैं।

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